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मंदिरों से निकला सोने का खजाना, तो गिरेंगे सोने के दाम
सचिन यादव/टीम डिजिटल
Updated Sat, 07 Sep 2013 11:48 AM IST
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केरल में मंदिरों के बोर्ड को आरबीआई की तरफ से भेजी गई चिट्ठी से देश के सर्राफा बाजार में भी काफी हलचल है।
आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय से मंदिरों के बोर्ड को मिली चिट्ठी में मंदिरों के तहखानों में रखे सोने के भंडार की मात्रा के बारे में पूछा गया है।
एक अनुमान के मुताबिक तिरूअनंतपुरम स्थित श्री पदमनाभस्वामी के छह द्वारों के अंदर सोने के बड़े भंडार हैं।
इनमें से पांच भंडारों में सोने का कुल मूल्य 1,00,000 करोड़ रुपए आंका गया है।
बाजार में यह हलचल है कि अगर सरकार ने मंदिर से सोने को खरीदा तो बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट आ सकती है। साथ ही आयात होने वाले सोने पर भी नियंत्रण लगाया जा सकता है।
दिल्ली स्थित एशिया के सबसे बड़े सर्राफा बाजार कूचा महाजनी में दिल्ली बुलियन मर्चेन्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान विमल गोयल ने बताया कि सरकार को मंदिरों की तरफ न देखकर गोल्ड बांड स्कीम लानी चाहिए।
गोल्ड बांड स्कीम के तहत सरकार लोगों से सोना लेकर उन्हें प्रतिवर्ष ब्याज दे सकती है। साथ ही एक निश्चित अवधि के बाद लोगों को उनका सोना भी वापस मिल सकता है।
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इस स्कीम को केन्द्र सरकार पहले भी बाजार में ला चुकी है।
सरकार लोगों से लिया गया सोना देश के सर्राफा बाजार के व्यापारियों को दे सकती है।
इस तरह से केन्द्र सरकार सोने के आयात पर सीधे तौर पर नियंत्रण पा सकती है।
वहीं एक कारोबारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि सर्राफा बाजार में इस खबर से अफरा-तफरी का माहौल है।
कारोबारियों को मालूम है कि अगर केन्द्र सरकार को केरल के मंदिरों से सोना मिल गया तो देश में सोने के आयात के साथ-साथ सोने की कीमतों में गिरावट आ जाएगी।
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आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय से मंदिरों के बोर्ड को मिली चिट्ठी में मंदिरों के तहखानों में रखे सोने के भंडार की मात्रा के बारे में पूछा गया है।
एक अनुमान के मुताबिक तिरूअनंतपुरम स्थित श्री पदमनाभस्वामी के छह द्वारों के अंदर सोने के बड़े भंडार हैं।
इनमें से पांच भंडारों में सोने का कुल मूल्य 1,00,000 करोड़ रुपए आंका गया है।
बाजार में यह हलचल है कि अगर सरकार ने मंदिर से सोने को खरीदा तो बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट आ सकती है। साथ ही आयात होने वाले सोने पर भी नियंत्रण लगाया जा सकता है।
दिल्ली स्थित एशिया के सबसे बड़े सर्राफा बाजार कूचा महाजनी में दिल्ली बुलियन मर्चेन्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान विमल गोयल ने बताया कि सरकार को मंदिरों की तरफ न देखकर गोल्ड बांड स्कीम लानी चाहिए।
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गोल्ड बांड स्कीम के तहत सरकार लोगों से सोना लेकर उन्हें प्रतिवर्ष ब्याज दे सकती है। साथ ही एक निश्चित अवधि के बाद लोगों को उनका सोना भी वापस मिल सकता है।
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इस स्कीम को केन्द्र सरकार पहले भी बाजार में ला चुकी है।
सरकार लोगों से लिया गया सोना देश के सर्राफा बाजार के व्यापारियों को दे सकती है।
इस तरह से केन्द्र सरकार सोने के आयात पर सीधे तौर पर नियंत्रण पा सकती है।
वहीं एक कारोबारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि सर्राफा बाजार में इस खबर से अफरा-तफरी का माहौल है।
कारोबारियों को मालूम है कि अगर केन्द्र सरकार को केरल के मंदिरों से सोना मिल गया तो देश में सोने के आयात के साथ-साथ सोने की कीमतों में गिरावट आ जाएगी।