फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   delayed project will increase problem of new government

नई सरकार की मुश्किल बढ़ाएंगे यूपीए के अधूरे प्रोजेक्ट

Thu, 08 May 2014 07:49 AM IST
अजीत सिंह/अमर उजाला, दिल्ली
अजीत सिंह/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 08 May 2014 07:49 AM IST
विज्ञापन
delayed project will increase problem of new government

दस साल तक केंद्र की सत्ता में रहने के बाद भी यूपीए सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। आम चुनाव के बाद केंद्र में आने वाली नई सरकार के लिए ऐसी आधी-अधूरी योजनाएं बड़ी मुसीबत बन सकती हैं। सीधे नकद भुगतान (डीबीटी) से लेकर जवाहरलाल नेहरू नेशनल अरबन रिन्यूअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) जैसी कई योजनाओं पर नई सरकार के आने के बाद ठंडे बस्ते में चले जाने का खतरा मंडरा रहा है।

विज्ञापन


केंद्र की फ्लैगशिप योजनाएं चला रहे मंत्रालय नई सरकार की दस्तक को देखते हुए बड़े बदलाव की तैयारी में जुट गए हैं। शुरुआत में गेमचेंजर मानी जा रही डीबीटी योजना खुद यूपीए सरकार के गले की फांस साबित हुई है। इस योजना की नाकामी को देखते हुए यूपीए सरकार इससे हाथ खींच रही है।
विज्ञापन


जल्दबाजी में शुरू किए गए सरकारी फायदों के नकद भुगतान को लेकर केंद्र सरकार के भीतर भी मतभेद रहे हैं। जिनके चलते सरकार को इस योजना से हाथ खींचना पड़ा और रसोई गैस सब्सिडी का नकद भुगतान बीच में ही रोकना पड़ा। इसी तरह डाकखानों के कायाकल्प, दो बड़ी सरकारी टेलीकॉम कंपनियों का रिवाइवल, फ्री-रोमिंग, दिल्ली-मेरठ व दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे और देश भर में छोटे हवाई अड्डों के निर्माण का दारोमदार भी अब नई सरकार पर ही टिका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपने दूसरे कार्यकाल में यूपीए सरकार भ्रष्टाचार, नीतिगत सुस्ती, पर्यावरण मंजूरी में देरी और आर्थिक मोर्चे पर नाकामी को लेकर विपक्ष के निशाने पर रही है। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की योजनाओं को झेलना पड़ा है। तमाम दावों के बावजूद ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली को एनसीआर से जोड़ने वाले रैपिड रेल कॉरिडोर का मामला आगे नहीं बढ़ पाया। यूपी समेत देश के कई राज्यों में छोटे एयरपोर्ट बनने का भाग्य भी अब नई सरकार ही तय करेगी।


औद्योगिक संगठन एसोचैम के अध्यक्ष राणा कपूर का कहना है कि केंद्र की सत्ता में आने वाली नई सरकार को 5 साल के लिए एक्शन प्लान बनाना होगा। तभी देश को ऊंची विकास दर के रास्ते पर ले जाया जा सकता है। नई सरकार का पहला बजट इस दिशा में पहला अहम कदम साबित हो सकता है। निवेशकों के भरोसे और अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए कुछ साहसिक फैसले लेने की जरूरत है।

प्रमुख अटकी परियोजनाएं
- दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे
- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
- तीन रैपिड रेल कॉरिडोर
- डीबीटी का विस्तार
- देश भर में 50 छोटे एयरपोर्ट
- दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed