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डेट फंड में पाएं एफडी से ज्यादा रिटर्न

Mon, 09 Jun 2014 03:13 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 09 Jun 2014 03:13 PM IST
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Debt funds get better returns than FDs

देश में नई सरकार बनने से जहां निवेश के माहौल में सुधार की उम्मीद जगी है, वहीं एक सच्चाई यह भी है कि महंगाई अब भी निवेश और बचत की राह में एक बड़ी बाधा बनी हुई है।

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ऐसे में खासकर निम्न और मध्यम आय वर्ग के निवेशक बड़ी मुश्किल से बचाई गई अपनी रकम का निवेश किसी ऐसी जगह करना चाहते हैं जहां अच्छे रिटर्न के साथ ही वह अपनी पूंजी की सुरक्षा के प्रति भी निश्चिंत रह सकें।
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इस नजरिये के चलते आज भी काफी बड़ी संख्या में निवेशक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) जैसे विकल्प को तरजीह देते हैं।

डेट फंड में अच्छा रिटर्न

Debt funds get better returns than FDs

अकसर वह इस बात का हिसाब नहीं लगा पाते कि एफडी पर मिलने वाला औसतन 7 से 8 फीसदी का सालाना ब्याज इससे दुगनी-तिगुनी तेजी से बढ़ रही महंगाई के कारण घाटे का सौदा साबित हो सकता है।

इसके अलावा एफडी में एक दिक्कत यह होती है कि निवेशकों का पैसा अकसर लंबे समय के लिए ब्लॉक होकर रह जाता है। ऐसे में निवेशकों को अगर कोई ऐसा विकल्प मिल जाए जिसमें एफडी से ज्यादा रिटर्न मिले, पैसा भी जरूरत पड़ने पर निकाला जा सके और पूंजी से जुड़ा जोखिम कम हो। डेट फंड काफी हद तक निवेशकों की इन जरूरतों को पूरा करता है।

डेट फंड को सुरक्षित विकल्पों में गिना जाता है क्योंकि यह इक्विटी आधारित न होकर बांड जैसी प्रतिभूतियों से जुड़ा होता है, जो अपेक्षाकृत स्थिर होती हैं। हालांकि ब्याज दर में उतार-चढ़ाव का डेट फंड के रिटर्न पर असर होता है।

कहीं और पैसा लगाना है आसान

Debt funds get better returns than FDs

एक बड़ा फायदा यह है कि इसमें एक मुश्त निवेश के बजाय सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए किस्तों में रकम लगाई जा सकती है।

इसके अलावा डेट फंड में पहले पैसा निकालने पर कोई पेनाल्टी नहीं लगती है। डेट फंड से निकालकर कहीं और पैसा लगाना भी आसान होता है। निवेशक एसडब्ल्यूपी के जरिए डेट फंड से हर महीने पैसा निकाल सकते हैं। टैक्स के लिहाज से भी डेट फंड बेहतर है, क्योंकि एफडी में 10,000 रुपये से ज्यादा ब्याज आय पर टीडीएस कटता है।

डेट फंड में ऐसा नहीं है। हालांकि 1 साल के बाद डेट फंड से होने वाली कमाई को कैपिटल गेन माना जाता है। ऐसे में देखा जाए, तो 12-24 महीने के लिए डेट फंड अच्छे हैं क्योंकि इनमें रिटर्न के साथ बेहतर लिक्विडिटी भी मिलती है।

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