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कृषि मंत्रालय को व्यापार वार्ता में मदद मुहैया कराएगा कट्स इंटरनेशनल

Sun, 04 Jan 2015 08:21 PM IST
नई दिल्ली/ ब्यूरो
नई दिल्ली/ ब्यूरो Updated Sun, 04 Jan 2015 08:21 PM IST
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Cuts International to help Agriculture Ministry in business negotiations

कृषि मंत्रालय के कृषि एवं सहकारिता विभाग (डीएसी), पशुपालन विभाग, डेयरी एवं मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने सभी द्विापक्षीय और क्षेत्रीय व्यापार वार्ता में तकनीकी सहयोग के लिए कट्स इंटरनेशनल को अपने साथ जोड़ा है। कट्स इंटरनेशनल के महासचिव प्रदीप एस मेहता ने कहा कि कृषि मंत्रालय और सहयोगी विभागों द्वारा सक्रिय तौर पर संस्थागत तंत्र गठित करने की दिशा में यह अद्वितीय पहल है।

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उन्होंने कहा कि डीएसी की ओर से की गई यह पहल इस मायने में स्वागत योग्य पहल है कि यह पहली बार भारत सरकार के किसी विभाग में संस्थागत याददाश्त स्थापित करेगी। हमारे सरकारी विभाग संस्थागत याददाश्त तंत्र स्थापित करने में बहुत कमजोर हैं और अधिकारियों का समय-समय पर स्थानांतरण होने से स्थिति और खराब हुई है।
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डीएसी द्वारा संचालित की गई प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया में कंज्यूमर यूनिटी एंड ट्रस्ट सोसायटी (कट्स इंटरनेशनल) को चुना गया है। इसके बाद से कट्स इंटरनेशनल खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय, डीएसी और पशुपालन विभाग, डेयरी एवं मत्स्य पालन की व्यापार से जुड़े विचार विमर्श में सहायता कर रही है।
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कट्स अब सभी कृषि उत्पादों के भारत के आयात और निर्यात का डाटाबेस बनाएगा। इस डाटाबस में वैश्विक स्तर कीमतों के आंकड़े भी जमा किए जाएंगे। कट्स डाटाबेस के जरिए व्यापक निर्यात/ आयात रुझानों, गैर-व्यापार उपायों और निर्यात के लिए भारत के कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का विश्लेषण किया जाएगा।


इसके अलावा कट्स निर्यात की तेज ग्रोथ और निर्यात की संभावना वाले उत्पादों के साथ टैरिफ लाइन की पहचान करने के साथ ऐसे कृषि उत्पाद का विश्लेषण भी करेगा, जिसे आयातित उत्पादों से खतरा है या जिसे आयात शुल्क लगा कर सुरक्षा दिए जाने की जरूरत है। कट्स का मानना है कि कृषि क्षेत्र में इससे बहुस्तरीय स्तर पर वार्ता में मदद मिलेगी। खास कर विश्व व्यापार संगठन और बाली में हुई वार्ता को अगर देंखें तो कृषि बातचीत का अहम मुद्दा उभर कर सामने आता है।

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