अब नहीं रहा क्रिकेट का वो चस्का, कम हुई कमाई
पिछले कुछ सालों में टेलीविजन पर क्रिकेट देखने वालों की संख्या में करीब 40 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। 2008 में एक सप्ताह में ग्रॉस रेटिंग प्वाइंट करीब 105 होता था, लेकिन 2014 तक यह गिरकर 61 रह गया है।
इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, 2013-14 में बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को 11 करोड़ रुपए दिए हैं। वहीं इससे पहले के साल में बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को 49 करोड़ रुपए दिए थे।
बीसीसीआई को होने वाली आय में कमी इसलिए आई है, क्योंकि मीडिया राइट्स के जरिए कम कमाई हुई है। भारतीय टीमों की स्पॉन्सरशिप 2014 में 2 करोड़ प्रति मैच रह गई है, जबकि 2013 में यह 3.33 करोड़ रुपए थी।
आईपीएल हैं बेस्ट
कमाई में आई इस गिरावट पर बीजेपी के एमपी और नए बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर बोले कि ऐसा होने का कारण यह है कि भारतीय टीमों ने अब घरेलू मैच खेलना कम कर दिया है।
अपनी बात पर जोर देते हुए वह बोले कि वन डे क्रिकेट, टी20 और आईपीएल के लिए अभी भी लोगों का उत्साह काफी अधिक है। वह बोले कि आईपीएल में हर खेल हाउसफुल रहता है।
क्रिकेट मैच देखने के मामले में भारत के इंटरनेशनल मैचों में 16 प्रतिशत, नॉन इंडिया इंटरनेशनल मैचों में 14 प्रतिशत, टी20 लीग में 4.2 प्रतिशत, घरेलू क्रिकेट में 8.5 प्रतिशत, टेस्ट मैचों में 17.5 प्रतिशत और वन डे क्रिकेट में 20 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।