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कोऑपरेटिव, पार्टनरशिप फर्म को मिलेगा आसानी से कर्ज

Wed, 17 Oct 2012 09:27 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 17 Oct 2012 09:27 PM IST
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Cooperative and partnership firm get loans easily
डेयरी, मछली पालन, पशुपालन, मधुमक्खी पालन जैसे कृषि आधारित कारोबार करने वाली कंपनियों, किसान सहकारी समिति, पार्टनरशिप फर्म को अब बैंक आसानी से कर्ज देंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने इन सभी कारोबार को प्राथमिकता क्षेत्र के तहत सीधे कृषि क्षेत्र में शामिल कर लिया है। अभी तक यह प्राथमिकता क्षेत्र के अप्रत्यक्ष कृषि क्षेत्र में शामिल थे।
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रिजर्व बैंक के इस कदम से बैंक अब इन कारोबारियों को सीधे तौर पर आसानी से कर्ज दे सकेंगे, जिससे कि वह अपने प्राथमिकता क्षेत्र के लक्ष्य आसानी से पूरा कर सकेंगे। साथ ही कारोबारियों को भी आसानी से कर्ज मिल सकेगा।
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रिजर्व बैंक ने हालांकि इसके लिए कर्ज मिलने की अधिकतम सीमा दो करोड़ रुपये (प्रत्यक्ष कृषि कर्ज) रखी है। बैंक ने इसी तरह प्रत्यक्ष कर्ज में दो करोड़ रुपये की सीमा के साथ फसल की कटाई के पहले और बाद की गतिविधियों जिसमें छिड़काव आदि शामिल हैं, उन्हें भी इसी वर्ग में शामिल कर दिया है।
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रिजर्व बैंक ने इसी तरह माइक्रो सेक्टर (सेवा क्षेत्र) के लिए अप्रत्यक्ष कृषि गतिविधियों में दी गई कर्ज की अधिकतम सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये कर दिया है। इसके साथ ही स्लम और झुग्गी-झोपड़ी के निवासियों के पुनर्वास आदि के लिए सरकारी एजेंसियों द्वारा दिए गए 10 लाख रुपये तक के होम लोन को भी अप्रत्यक्ष कृषि लोन में शामिल कर लिया गया है। रिजर्व बैंक के इस कदम से इन क्षेत्रों को अब पहले की तुलना में ज्यादा आसानी से कर्ज मिल सकेगा।
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