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पेट्रोलियम की कीमतें तय करने पर खींचतान
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sun, 03 Feb 2013 09:31 PM IST
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पेट्रोलियम उत्पादों के मूल्य निर्धारण के तरीके को लेकर वित्त मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय में खींचतान शुरू हो गई है। पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से ईंधन कीमत निर्धारण करने के तौर तरीकों की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का अनुरोध किया है। मंत्रालय को आशंका है कि पेट्रोल और डीजल के मूल्य निर्धारण के तरीकों में बदलाव के लिए वित्त मंत्रालय के कदम से तेल रिफाइनरी कंपनियों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
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दरअसल वित्त मंत्रालय ने पेट्रोलियम मंत्रालय को यह सूचित किया है कि वाहनों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन का मूल्य निर्धारण आयात कीमत समरूपता की जगह निर्यात कीमत के समरूप तय किये जाने की जरूरत है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में सरकारी खजाने में बिना कोई योगदान दिये 2.5 फीसदी सीमा शुल्क को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को होने वाले घाटे में जोड़ा जाता है।
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दूसरी ओर मोइली का कहना है कि तत्काल निर्यात समरूप मूल्य व्यवस्था को संभव या व्यवहारिक है या नहीं, इसकी समीक्षा किये जाने की जरूरत है। पेट्रोलियम मंत्री के मुताबिक नई व्यवस्था से तेल रिफाइनिंग का कारोबार कठिन हो सकता है। इसलिए उनकी ओर से रंगराजन और किरीट पारिख समिति की तर्ज पर एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का सुझाव दिया गया है। मोइली ने कहा कि उनकी सिफारिशों के आधार पर समतुल्य कीमत व्यवस्था को स्वीकार किया जा सकता है।
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