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कोबरापोस्ट के खुलासे के बाद शुरू हुई चौतरफा कार्रवाई
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2013 12:08 AM IST
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कोबरापोस्ट के स्टिंग ऑपरेशन में सरकारी बैंकों व एलआईसी पर मनी लांड्रिंग करने व केवाईसी नियमों की अनदेखी के लगे आरोपों के बाद सरकार ने चौतरफा कार्रवाई शुरू कर दी है।
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इसके तहत, सरकारी बैंकों व एलआईसी के 31 अधिकारियों व कर्मचारियों पर जहां कार्रवाई की गाज गिरी है। वहीं, केवाईसी नियमों में बदलाव हो सकता है और मौजूदा एंटी मनीलांड्रिंग एक्ट में भी बदलाव की सिफारिश की जा सकती है।
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वित्त मंत्रालय के अनुसार विभिन्न सरकारी बैंकों के अब तक 15 अधिकारी और कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं। इसमें बीमा क्षेत्र का भी एक अधिकारी शामिल है।
वहीं सरकारी बैंकों के 10 अधिकारियों को उनके काम से हटा दिया गया है और छह अधिकारियों को छुट्टी पर जाने के लिए कहा गया है। इस संबंध में जल्द ही और कार्रवाई की जाएगी।
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कोबरापोस्ट के खुलासे के बाद वित्त मंत्रालय के तहत कार्यरत वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव राजीव टकरू ने सरकारी बीमा कंपनियों और सरकारी बैंकों के सीएमडी को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
टकरू ने इस निर्देश पर तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट देने का भी आदेश दिया है। इसके परिणाम स्वरूप कुछ सरकारी बैंकों ने कार्रवाई शुरू कर दी है और कुछ मामलों में कार्रवाई जारी है।
कोबरापोस्ट ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए 23 बैंकों और बीमा कंपनियों पर मनी लांड्रिंग करने और केवाईसी नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इतने बड़े पैमाने पर आरोप लगने के बाद जांच की कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं। लेकिन, यह बात महसूस की जा रही है कि कहीं न कही प्रणालीगत स्तर (सिस्टमेटिक लेवल) पर नियमों को सख्त करने की जरूरत है।
इसे देखते हुए केवाईसी नियमों में आरबीआई के जरिए बदलाव किया जा सकता है। साथ ही एंटी मनी लांड्रिंग कानून में किस तरह के बदलाव हो सकते है, उस पर भी विचार होगा। अधिकारी के अनुसार जब तीन निजी बैंकों पर मनीलांड्रिंग का आरोप लगा था, तो वित्त मंत्रालय ने सतर्कता के लिहाज से पहले ही सार्वजनिक बैंकों को अपने स्तर पर जांच करने के निर्देश दे रखे थे।
हालांकि, अभी तक मोटे तौर पर यह बात मानी जा रही थी कि निजी बैंकों में इंसेटिव संस्कृति की वजह से यह खामियां आ गई थी लेकिन अब इसे नए सिरे से देखना होगा। एक सार्वजनिक बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सरकारी बैंकों में अब कर्मचारियों पर निजी बैंकों की प्रतिस्पर्धा में काम का दबाव बढ़ा है। ऐसे में उन पर भी कहीं न कही कारोबार तेजी से बढ़ाने का दबाव रहता है।
नए बैंकिंग लाइसेंस पर भी पड़ सकता है असर
मनी लांड्रिंग के आरोप लगने के बाद आरबीआई द्वारा जारी नए बैंकिंग लाइसेंस नियमों में भी बदलाव हो सकता है। वित्त मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार जिस तरह से बैंकों और बीमा कंपनियों पर आरोप लगे हैं, उसे देखते हुए आरबीआई द्वारा जारी किए जाने वाले नए बैंकिंग लाइसेंस के संबंध में बदलाव पर विचार किया जा सकता है।
सार्वजनिक बैंकों में निलंबन का सिलसिला शुरू
मनी लांड्रिंग का आरोप लगने के बाद बैंकों ने अपनी छवि सुधारने की कवायद शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार केनरा बैंक ने स्टिंग आपरेशन के तहत तीन आरोपियों को निलंबित कर दिया है। ऐसे में दूसरे बैंक भी इस तरह की कवायद पर विचार कर रहे हैं।
भारतीय स्टेट बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बैंक में केवाईसी नियमोंके पालन और उसके जरिए खुलने वाले खातों की जांच के लिए सभी 14 सर्किल में एलसीपीसी का गठन हुआ है। बैंक में काफी सख्ती से नियमों का पालन होता है। इसके बाद भी अगर जांच में कोई कर्मचारी नियमों की अनदेखी करता पाया जाता है, तो उस पर उचित कार्रवाई जरूर होगी, जिसमें निलंबन भी शामिल है। बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक ने भी आंतरिक स्तर पर जांच शुरू कर दी है।