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कोयला सचिव देंगे झारखंड में रेल लाइन के काम को रफ्तार

Tue, 26 Aug 2014 09:14 AM IST
नई दिल्ली /सुजय मेहदूदिया
नई दिल्ली /सुजय मेहदूदिया Updated Tue, 26 Aug 2014 09:14 AM IST
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Coal Secretary to visit Jharkhand to resolve land acquisition issues for Tori-Shivpuri-Kathautia line.
देश के कुछ कोयला उत्पादक राज्यों में ढांचागत सुविधाओं के अभाव के कारण कोयला उत्पादन में गिरावट से चिंतित केंद्र सरकार ने इस मोर्चे पर सुधार की पहल शुरू कर दी है।
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इसके तहत कोयला मंत्रालय ने कोयला सचिव एसके श्रीवास्तव को झारखंड में तोरी-शिवपुरी-कथुवातिया रेलवे लाइन का निरीक्षण करने और रेलवे लाइन के काम में तेजी लाने के लिए भेजने का फैसला किया है। यह रेलवे लाइन बड़े पैमाने पर कोयले के उत्खनन के लिए अहम है। यह कोयला क्षेत्र में बिजली उत्पादन के लिए जरूरी है।
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रेलवे लाइन के काम को गति देने के लिए एसके श्रीवास्तव के साथ रेलवे बोर्ड के चेयरमैन भी होंगे।  तोरी-शिवपुरी-कथुवातिया रेलवे लाइन के काम की सुस्त रफ्तार और रेलवे लाइन शुरू होने में देरी की वजह से 2015-16 में 13.6 मिलियन टन और 2016-17 में 16.01 मिलियन टन उत्पादन का नुकसान होने की आशंका है। रेलवे लाइन के लिए 50 फीसदी जमीन का अधिग्रहण अब तक नहीं हुआ है।
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 ऐसे में कोयला सचिव को चेयरमैन, रेलवे बोर्ड के साथ झारखंड यह सुनिश्चित करने के लिए भेजा जा रहा है कि निजी जमीन का अधिग्रहण तेजी से हो सके और रेलवे लिंक के लिए जरूरी सरकारी जमीन का स्थानांतरण तुरंत हो सके।

वहीं दूसरी तरफ महानंदी कोलफील्ड्स लिमिटेड को झारसुगुदा-बारपाल्ली-सरदेगा रेलवे लाइन को लेकर आर्थिक वहनीयता पर फैसला लेना है। इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़ने के कारण इससे मिलने वाले रिटर्न पर सवाल खड़ा हो गया है। इस बारे में फैसला लंबित है, क्योंकि आरआईटीइएस ने रेट ऑफ रिटर्न स्टडी अभी पूरी नहीं की है। रेट ऑफ रिटर्न स्टडी रेलवे प्रोजेक्ट की आर्थिक वहनीयता का पता लगाने के लिए की जा रही है।

साउथ इस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसइसीएल)  ने छत्तीसगढ़ सरकार और आईआरसीओएन के साथ संयुक्त उपक्रम में स्पेशल पर्पज व्हीकल के जरिए तीन फीडर लाइन की पहचान की है। यह फीडर लाइन भूपदेवपुर-कोरीछापर-धर्मजैगढ़ लाइन के ईस्ट कॉरिडोर को कोयले की आपूर्ति की जाएगी।  इन फीडर लाइनों को छाल, कोरीछापर और धर्मजयगढ़ में लगाने का प्रस्ताव किया गया है।

एसइसीएल ने इससे पहले सूचित किया था कि कॉरिडोर की आर्थिक वहनीयता खान से निकलने वाले फीडर रूट के जरिए कोयले की आपूर्ति पर निर्भर करेगी। इस मोर्चे पर आगे बढ़ते हुए संयुक्त उपक्रम कंपनी ने संभावित लोकेशन के साथ प्लान आईआरसीओएन को दे दिया है। आईआरसीओएन प्रस्तावित फीडर लाइनों के लिए जमीन की जरूरतों को अंतिम रूप दे रही है।


रेटिंग एजेंसी सीएआरई को भूपदेवपुर-कोरिछापर-धर्मजैगढ़ लाइन के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए फाइनेंसियल एप्रेजल रिपोर्ट तैयार करने काम सौंपा गया है। कंपनी को यह कांट्रैक्ट जुलाई, 2014 के तीसरे सप्ताह में दिया गया है, कंपनी को एप्रेजल रिपोर्ट का मसौदा चार सप्ताह के अंदर जमा कराने का निर्देश दिया गया है।
 
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