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समयबद्ध ढंग से उत्पादन बढ़ाए कोल इंडिया : गोयल
नई दिल्ली/ सुजय मेहदूदिया
Updated Wed, 22 Oct 2014 09:15 AM IST
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सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के प्रदर्शन से नाखुश कोयला और ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कंपनी से अपने प्रदर्शन में सुधार लाकर उत्पादन में पर्याप्त बढ़ोतरी करने को कहा है। गोयल ने सीआईएल और उसकी सहायक कंपनियों से अगले तीन-चार वर्षों के भीतर अपने कुल कोयला उत्पादन को सालाना एक अरब मीट्रिक टन तक पहुंचाएं।
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सीआईएल के कामकाज की समीक्षा के लिए हाल ही में संपन्न बैठक में गोयल ने कहा कि उत्पादन में तीन फीसदी की मामूली बढ़ोतरी संतोषजनक नहीं है। इसलिए सीआईएल को अपने कामकाज की गुणवत्ता में सुधार लाने की जरूरत है। कोयला मंत्री ने कहा कि सीआईएल को अगले तीन-चार वर्ष में सालाना एक अरब टन के उत्पादन लक्ष्य को हासिल करने में जुट जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने उपयुक्त कार्य प्रणाली विकसित करने, त्वरित निर्णय और तेजी से क्रियान्वयन की प्रणाली विकसित करनी होगी।
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इसके साथ ही कोयला मंत्री ने सीआईएल से उसकी समूची कार्य प्रणाली में व्यापक बदलाव लाते हुए उसे बेहतर और विश्वसनीय बनाने को कहा है। मंत्री ने सीआईएल के उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए कंपनी के अधिकारियों से सुझाव भी आमंत्रित किए हैं। कामकाज में ज्यादा से ज्यादा दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए उन्होंने सीआईएल और उसकी सहायक कंपनियों को दिसंबर 2015 तक एक आईटी आधारित निगरानी प्रणाली (मॉनिटरिंग सिस्टम) भी तैयार करने को कहा है। समीक्षा बैठक में आईटी संबंधी एक प्रेजेंटेशन भी सीआईएल की ओर से पेश किया गया, जिसपर कोयला मंत्री ने कहा कि इस तरह की प्रणालियों से पारदर्शिता को बढ़ाया जा सकता है। साथ ही कोयले की निकासी में तेजी लाकर इसकी चोरी पर भी लगाम लगाई जा सकती है। साथ ही इससे कंपनी के ठेकों का भी बेहतर ढंग से प्रबंधन किया जा सकता है।
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इसके साथ ही कोयला मंत्री से अपने अधिकारियों को ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों तैनात करने को कहा, ताकि वह वहां कोयला उत्खनन के लिए इस्तेमाल में लाई जा रही नवीनतम तकनीकों और कार्य प्रणालियों को देख-समझ कर अपने देश में उसके इस्तेमाल की संभावनाएं तलाश सकें।
इसके साथ ही उन्होंने कोल इंडिया की सभी सहायक कंपनियों के मुख्यालयों में आईटी तकनीक से लैस कंट्रोल रूम स्थापित करने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही सीआईएल के मुख्यालय में इन सारी प्रणालियों को जोड़ने वाला एक वृहद नियंत्रण कक्ष स्थापित करने की बात भी उन्होंने कही, ताकि सीआईएल एक जगह से ही अपनी सारी सहायक इकाइयों की गतिविधियों पर नजर रख सके। इस सबसे ऊपर दिल्ली स्थिति नेशनल डिस्पैच मॉनिटरिंग सेंटर में एक मास्टर कंट्रोल रूम बनाने की बात भी उन्होंने कही।
बैठक में कोल इंडिया के प्रदर्शन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की गई। गौरतलब है कि सीआईएल चालू वित्त वर्ष (2014-15) की पहली तिमाही में 5.3 फीसदी की वृद्धि दर हासिल करते हुए उत्पादन के लिए निर्धारित लक्ष्य का 95 फीसदी हासिल कर सकी। नए ठेकों के आवंटन में देरी पर चिंता जताते हुए गोयल ने एनसीएल से इस बारे में एक पृष्ठ की संक्षिप्0प्त रिपोर्ट देने को कहा है।
इसके साथ ही उन्होंने सीआईएल से कोयले के परिवहन के लिए अपनी रेलवे रैकों की जरूरतों का पुन: आकलन करते हुए पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के जरिए रैकों की आवश्यकता को जल्द पूरा करने को भी कहा है। कोयला मंत्री ने कोयला कंपनियों के सीएमडी, जीएम और इंचार्ज लेवल के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर कोयला उत्पादन बढ़ाने के सुझाव लेने की बात भी कही।
उन्होंने कहा कि कोल फील्ड में इंचार्ज स्तर के अधिकारियों से बारी-बारी से बातचीत कर भी उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण सुझावों व जानकारियों को हासिल किया जा सकता है।