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सरकार के साथ बातचीत से सुलझाएं मुद्दे यूनियनें: सीआईआई
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 21 Feb 2013 05:58 PM IST
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ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर चिंता जताते हुए औद्योगिक संगठन सीआईआई ने यूनियनों से सरकार के साथ बातचीत के जरिये इस मुद्दे को सुलझाने की अपील की है।
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सीआईआई ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था ग्लोबल आर्थिक सुस्ती और घरेलू स्तर पर आर्थिक समस्याओं से जूझ रही है, ऐसे में कोई व्यवधान अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक होगा। ऐसे समय में जब कि हालात निवेश में तेजी लाने के लिहाज से अनुकूल होते नजर आ रहे हैं, कामगारों और उद्योगों को इस तरह के व्यवधान खडे़ करने के बजाय अर्थव्यवस्था में तेजी लौटाने के प्रयासों में सरकार के साथ सहयोग करना चाहिए।
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सीआईआई के अध्यक्ष एडी गोदरेज ने कहा है कि हड़ताल ने आर्थिक व औद्योगिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर दिखाया है, खासकर बैंकिंग, फायनेंस और ट्रांसपोर्ट जैसी सेवाएं देश भर में बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हड़ताल के दौरान बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां व बैंक बंद रहे या फिर उनमें कामकाज नगण्य रहा।
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इस तरह हड़ताल ने देश के विभिन्न हिस्सों में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को बाधित किया है और यह हड़ताल ऐसे समय में की गई है जबकि अर्थव्यवस्था आर्थिक सुस्ती से जूझती नजर आ रही है। इससे अर्थव्यवस्था को करीब 20 हजार करोड़ रुपये के अनुमानित नुकसान के अलावा आम आदमी और उद्योगों को भी काफी परेशानी हुई है। सबसे बड़ी चोट दिहाड़ी वाले कामगारों और छोटे कारोबारियों की रोजी पर पड़ी है। कुल मिलाकर इस सबसे उन उद्देश्यों को ही चोट पहुंची है, जिनके लिए यह हड़ताल की गई है।