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कारोबारी भरोसे में लगातार दूसरी तिमाही आई मजबूती

Tue, 07 Oct 2014 08:48 AM IST
नई दिल्ली/ ब्यूरो
नई दिल्ली/ ब्यूरो Updated Tue, 07 Oct 2014 08:48 AM IST
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CII Business Confidence Index Shoots Up Second Time in a Row

उद्योग संगठन सीआईआई की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश के कारोबारी माहौल में सुधार की रफ्तार लगातार तेजी पकड़ती दिख रही है। रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई-सितंबर तिमाही में सीआईआई बिजनेस कांफिडेंस इंडेक्स (सीआईआई-बीसीआई) 57.4 अंक पर रहा। लगातार दूसरी तिमाही के दौरान इसमें मजबूती देखने को मिली है।

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रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले अप्रैल-जून तिमाही में सीआईआई-बीसीआई 53.7 अंक पर और जनवरी मार्च तिमाही में 49.9 अंक के स्तर पर रहा था। सूचकांक का 50 अंक से ऊपर का स्तर कारोबारी भरोसे में मजबूती आने को दर्शाता है, जबकि 50 अंक से नीचे का स्कोर कमजोरी प्रदर्शित करता है।
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सीआईआई की ओर से जारी 88वां बिजनेस आउटलुक सर्वे विभिन्न उद्योगों के 150 प्रतिनिधियों से मिली प्रतिक्रिया पर आधारित है। इसमें से 44 फीसदी बड़े उद्योगों से, 12 फीसदी मझोले उद्योगों से, 38 फीसदी लघु उद्योग से, जबकि 6 फीसदी सूक्ष्म (माइक्रो) उद्योग से संबंधित हैं। सेक्टरों के लिहाज से देखें तो इनमें करीब 60 फीसदी विनिर्माण क्षेत्र (मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर) से और 36 फीसदी सेवा क्षेत्र से संबंधित हैं।
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सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी का कहना है कि केंद्र में बनी नई सरकार की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की प्रतिबद्धता से कारोबारी धारणा को काफी बल मिला है। लगातार दूसरी तिमाही में आए इस सुधार को आगे भी बनाए रखने के लिए इस रवैये को आगे भी बनाए रखना होगा।

सर्वे में करीब 41 फीसदी प्रतिनिधियों ने चालू वित्त वर्ष (2014-15) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर सुधर कर 5 से 5.5 फीसदी के दायरे में आने की उम्मीद जताई। इससे पहले के दो वर्षों के दौरान यह 5 फीसदी से कम रही थी। करीब 30 फीसदी लोगों को विकास दर 5.5 से 6 फीसदी के दायरे में रहने की उम्मीद है। गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी 5.7 फीसदी पर दर्ज की गई है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 4.6 फीसदी पर थी।

सर्वे में ज्यादातर लोगों ने चालू वित्त वर्ष में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर 5.5 से 6.5 फीसदी के अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर रहने की उम्मीद जताई है। महंगाई दर में तेजी का यह अनुमान इस साल मानसून औसत से कमजोर रहने के चलते है। सर्वे में करीब 77 फीसदी प्रतिभागियों ने जुलाई-सितंबर तिमाही मेें अपनी बिक्री बढ़ने की संभावना जताई। पिछले साल दूसरी तिमाही में ऐसा मानने वाले महज 50 फीसदी थे। इसी तरह निर्यात को लेकर धारणा में भी 10 फीसदी का सुधार देखने को मिला है। बीती तिमाही में 39 फीसदी के मुकाबले 49 फीसदी लोगों ने निर्यात में बढ़ोतरी होने की संभावना व्यक्त की है।


घरेलू और ग्लोबल दोनों ही स्तरों पर मांग में मजबूती आने के चलते 46 फीसदी प्रतिभागियों को निवेश में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। केवल 10 फीसदी लोगों ने ही निवेश में कमी आने की आशंका जताई। सर्वे में 49.5 फीसदी उद्योग प्रतिनिधियों ने चालू वित्त वर्ष में अपनी 75 उत्पादन क्षमता का उपयोग कर पाने की उम्मीद जताई। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ऐसा मानने वालों की तादाद 34 फीसदी रही थी।









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