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कारोबारी भरोसे में बीती तिमाही आई मजबूती

Wed, 01 Apr 2015 05:10 PM IST
नई दिल्ली/ ब्यूरो
नई दिल्ली/ ब्यूरो Updated Wed, 01 Apr 2015 05:10 PM IST
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CII Business Confidence Index Improves

उद्योग संगठन सीआईआई की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश के कारोबारी भरोसे में बीती तिमाही के दौरान मजबूती आई है। सीआईआई की ओर से जारी 90वें बिजनेस कांफिडेंस इंडेक्स (बीसीआई) के मुताबिक जनवरी-मार्च 2015 की तिमाही में कारोबारी भरोसे को दर्शाने वाला यह सूचकांक बढ़कर 56.4 अंक पर पहुंच गया। इससे पहले अक्तूबर-दिसंबर 2014 तिमाही में बीसीआई 56.2 अंक पर रहा था।

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तिमाही आधार पर बीसीआई में यह बढ़ोतरी भले ही कम लगती है, पर रिपोर्ट में बताया गया है कि सालाना आधार पर तुलना करने पर यह अंतर काफी बड़ा है। पिछले साल यानी 2014 की जनवरी-मार्च तिमाही में बिजनेस कांफिडेंस इंडेक्स छह अंक से भी ज्यादा नीचे 49.9 अंक पर था। यह स्थिति कारोबारी भरोसे में कमजोरी को दर्शाने वाली थी। गौरतलब है कि सूचकांक का 50 अंक से ऊपर के स्तर पर रहना सकारात्मक स्थिति को प्रदर्शित करता है, जबकि 50 अंक से नीचे का स्तर नकारात्मक स्थिति को दिखाता है।
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सर्वे में देश के 150 उद्योगों से जुड़े लोगों की राय को शामिल किया गया है। इनमें 48 फीसदी भारी उद्योगों से संबंधित हैं, जबकि 17 फीसदी मझोले और 35 फीसदी लघु उद्योग क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। सर्वे में करीब 55 फीसदी लोगों ने माना कि वित्त वर्ष 2014-15 में देश के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.5 से 7.5 फीसदी के दायरे में रहेगी। सर्वे में जताया गया यह अनुमान केंद्र सरकार के सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी किए गए 7.4 फीसदी की आर्थिक विकास दर के अनुमान के अनुरूप ही है। सर्वे में जहां ज्यादातर लोगों ने विकास दर में बढ़त की उम्मीद जताई है, वहीं महंगाई दर काबू में रहने की भी उम्मीद जताई गई है। करीब 72 फीसदी लोगों ने चालू वित्त वर्ष में थोक मूल्य सूचकांक (डब्लूपीआई) पर आधारित महंगाई दर 6 फीसदी से नीचे रहने की उम्मीद जताई है। यह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को अपनी मौद्रिक एवं ऋण नीति के निर्धारण में विकास को बढ़ावा देने पर फोकस करने में मददगार हो सकता है। सर्वे में करीब 72 फीसदी लोगों ने वित्त वर्ष 2014-15 चालू खाते का घाटा जीडीपी के 2.5 फीसदी के दायरे में रहने का अनुमान जताया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों के दौरान यह 1.8 फीसदी पर रहा है।

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