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केंद्रीय एजेंसियों ने चिट फंड कंपनियों पर कसा शिकंजा
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sun, 28 Apr 2013 12:48 AM IST
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पश्चिम बंगाल की चिट फंड कंपनी शारदा ग्रुप पर बढ़ते राजनीतिक विवाद को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने ऐसे तमाम मामलों पर सख्ती दिखाई है।
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मंत्रालय का कहना है आकर्षक निवेश का लालच देकर निवेशकों को ठगने वाली कंपनियों के खिलाफ सेबी, आरबीआई, कारपोरेट मामलों के मंत्रालय, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय जैसी कई केंद्रीय एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं।
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सेबी ने पश्चिमी भारत के राज्यों में सामूहिक जमा योजनाओं से जुड़े 59 से ज्यादा मामलों में अभियोजन की कार्रवाई शुरू कर दी है।
शनिवार को मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य के अनुसार, आयकर विभाग भी शारदा समूह की जांच शुरू कर चुका है। गत 23 अप्रैल को शारदा रियलिटी इंडिया की जमा स्कीमों पर रोक लगाते हुए सेबी ने तीन महीने के अंदर निवेशकों का पैसा लौटाने का आदेश दिया था।
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मंत्रालय का कहना है कि असम पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने भी शारदा रियलिटी इंडिया और इसके सीएमडी सुदीप्तो सेन व अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉंड्रिंग रोधी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर चुका है।
जमा योजनाओं के नाम पर बढ़ती धांधली को लेकर आलोचनाओं से घिरे वित्त मंत्रालय ने दावा किया है कि डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज जुलाई 2012 में ही सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और सेबी व आरबीआई जैसी नियामक संस्थाओं के बीच तालमेल मजबूत करने का अनुरोध कर चुका है।
इसी तरह कारपोरेट मामलों का मंत्रालय 31 कंपनियों के खातों की जांच का आदेश दे चुका है। मंत्रालय का मानना है कि देश के पश्चिमी राज्यों में पोंजी स्कीम की तर्ज पर भारी कमीशन का लालच देकर गैर कानूनी तरीके से फंड जुटाने के मामले सामने आ रहे हैं।
इन स्कीमों के मालिक धोखाधड़ी कर जमा धन में सेंध लगा रहे हैं। पोंजी स्कीमों की तर्ज पर ऐसी स्कीमों ने स्थानीय लोगों को मोटे कमीशन के लालच में साथ जोड़ा जाता है।