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तो मोदी के जादू से नहीं, इसलिए कम हुई है महंगाई!
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 16 Oct 2014 02:23 PM IST
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मोदी सरकार की नीतिगत पहल के चलते महंगाई घटने के दावे को बेमानी बताते हुए पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कमोडिटी की कीमतों में गिरावट के चलते महंगाई नीचे आई है। यदि सरकार को लगता है, कि कीमतों में सुधार आगे भी बना रहेगा तो उसे ब्याज दरों में कटौती के लिए रिजर्व बैंक को तैयार करना चाहिए।
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एनडीए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से महंगाई घटने के दावे के खारिज करते हुए चिदंबरम ने कहा कि सरकार की किसी भी नीतिगत पहल के चलते यदि महंगाई नीचे आई है, तो सरकार उन उपायों की जानकारी दे। खुदरा महंगाई घटकर 6.46 फीसदी पर आ गई, जो जनवरी 2012 में सरकार द्वारा सीपीआई जारी करने की शुरुआत के बाद से सबसे कम है।
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चिदंबरम ने कहा कि महंगाई घटने की मुझे भी खुशी है लेकिन हमें स्वयं यह पूछना चाहिए इसकी वजह क्या है। इसकी मुख्य वजह दुनियाभर में कमोडिटी, खासकर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। दूसरी प्रमुख वजह 2014-15 के लिए राजकोषीय घाटे को 4.1 फीसदी के दायरे में रखने की सरकार की प्रतिबद्धता है। यूपीए-2 ने अपने अंतरिम बजट में यही लक्ष्य रखा था।
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उन्होंने कहा कि यदि सरकार का मानती है, कि महंगाई दर में कमी एक वास्तविक गिरावट है, तो उसे रिजर्व बैंक को दरों में कटौती के लिए राजी करना चाहिए। चिदंबरम ने कहा कि उन्हें दुख है कि सरकार ने खाद्य सुरक्षा बिल को आगे नहीं बढ़ाया, जिससे 60,000 करोड़ रुपये की बचत हो सकती थी। इसी तरह उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम मनरेगा के संबंध में फंड वापस ले रही है। यह एक निराशाजनक कदम है और उससे मांग पर बुरा असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने खुले बाजार में गेहूं व चावल का स्टाक बढ़ाने, एपीएमसी एक्ट में संशोधन के लिए राज्यों पर दबाव डालने, जमाखोरों पर सख्त कार्रवाई करने और निर्यात पर एमईपी लगाने जैसे कदम उठाए हैं, ये सभी यूपीए सरकार की पहल थी। हालांकि हम इनका स्वागत करते हैं। साथ ही हम यह जानना चाहते हैं कि एनडीए की मौजूदा सरकार ने वो कौन से कदम उठाए हैं, जिनके चलते महंगाई नीचे आई है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा था कि महंगाई में गिरावट की मुख्य वजह एनडीए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम हैं। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही देश निम्न और स्थिर महंगाई दर की स्थिति में आ जाएगा।