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आईएमएफ के दावों को चिदंबरम ने नकारा
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 11 Oct 2013 06:29 PM IST
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इस साल भारत की आर्थिक वृद्धि दर सिर्फ 3.8 फीसदी रहने के अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमानों को वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सिरे से नकार दिया है।
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आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक में भाग लेने अमेरिका गए चिदंबरम ने भरोसा जताया है कि वित्त वर्ष 2013-14 में भारतीय अर्थव्यवस्था 5 फीसदी से अधिक की रफ्तार से बढ़ेगी।
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इस साल अच्छे मानसून से कृषि उत्पादन में ठोस वृद्धि की उम्मीद है। इसके अलावा आर्थिक सुधारों की दिशा में उठाए गए कदमों का असर भी दूसरी छमाही में दिखेगा।
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वाशिंगटन में थिंक टैंक कार्नेजी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के एक कार्यक्रम में चिदंबरम ने दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार फिर वापसी करेगी।
भारत में लोकसभा चुनाव को देखते थिंक टैंक की ओर से शुरू किए जा रहे इंडिया डिसाइडेड-2014 अभियान के संदर्भ ने चिदंबरम ने कहा कि थिंक टैक के अध्ययन में भी यही बात सामने आएगी कि भारत की जनता उनकी सरकार को फिर से सत्ता में लाएगी। इस बात का पता लगाने के लिए ज्यादा समय और प्रयास करने की जरूरत नहीं है।
भले ही आईएमएफ समेत तमाम संगठन भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार में सुस्ती की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन चिदंबरम को इस साल अच्छे मानसून से अर्थव्यवस्था में तेजी लौटने का पूरा भरोसा है।
चिदंबरम ने उम्मीद जताई है कि विपरीत अनुमानों के बावजूद वित्त वर्ष 2013-14 में विकास दर 5.5 फीसदी रह सकती है।
तेज विकास दर के दौर के बाद अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बारे में उन्होंने कहा कि दुनिया की सभी प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं की विकास दर में तीव्र गिरावट दर्ज की गई है। लेकिन अब भारतीय अर्थव्यवस्था में भी सुधार के शुरुआती संकेत दिखे हैं।
भारतीय निर्यात में जुलाई और सितंबर के बीच वृद्धि हुई है, विनिर्माण में नकारात्मक वृद्धि की दिशा बदली है, और आर्थिक गतिविधियों में बढ़त दिखी है।
इस साल अच्छी बारिश और बुवाई का क्षेत्रफल बढ़ने से कृषि उत्पादन में जोरदार वृद्धि की उम्मीद की जा रही है। इसके अलावा सरकार ने पिछले एक साल के दौरान सुधारों की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं।