दरों में कटौती की तरफ चिदंबरम का इशारा
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राजकोषीय घाटे पर अंकुश लगाने के बाद वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने ब्याज दरों में कटौती की गेंद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के पाले में फेंक दी है। शुक्रवार को आरबीआई बोर्ड के साथ बैठक में उन्होंने घाटा कम करने की दिशा में सरकार की कोशिशों को जोरदार तरीके से सामने रखा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ब्याज दरों पर निर्णय लेते हुए आरबीआई बजट में किए गए उपायों को ध्यान में रखेगा।
चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने अपना वादा निभाते हुए राजकोषीय घाटे को 5.2 फीसदी तक सीमित रखा है। वर्ष 2014 में यह घाटा 4.8 फीसदी से कम रहेगा। ब्याज दरों पर फैसला करते हुए आरबीआई मौजूदा आर्थिक स्थितियों और 19 मार्च तक बनने वाले हालत को ध्यान में रखेगा। घाटे पर अंकुश लगाने के लिए हम जो कर सकते थे, हमने कर दिया है।
गौरतलब है कि आरबीआई आगामी 19 मार्च को मौद्रिक नीति की समीक्षा करेगा। गत 29 जनवरी को हुई ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती की गई थी। लेकिन विकास दर के सुस्त पड़ने के बाद एक बार फिर ब्याज दरों में कटौती का दबाव बढ़ रहा है।
उधर, महंगाई को देखते हुए आरबीआई की नजर ब्याज दरों में कटौती से पहले सरकार के घाटे और मुद्रास्फीति पर है। आरबीआई के गर्वनर डी. सुब्बाराव का कहना है कि वित्त वर्ष 2012-13 के पहले दस महीनों में महंगाई करीब 7.5 फीसदी रही है। आरबीआई का ध्यान महंगाई के 4-4.5 फीसदी के स्तर पर आने पर है।
निवेशकों के लिए आसान होंगे नियम
शुक्रवार को वित्त मंत्री ने सेबी प्रमुख यूके सिन्हा के साथ भी बैठक की। आगामी 19 मार्च को सेबी की अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें विदेशी निवेशकों के लिए केवाईसी के नियमों में राहत दी जा सकती है। सिन्हा ने बताया कि जल्द ही देसी और विदेशी निवेशकों के लिए केवाईसी से जुड़े नियमों को सरल बनाया जा सकता है। उन्होंने राजीव गांधी इक्विटी स्कीम से जुड़े मसले हल करने की जरूरत बताई है।
वित्तीय समूह पर नजर रखेंगे नियामक
वित्तीय क्षेत्र से जुड़े सभी नियामक अब मिलकर बड़े समूहों की निगरानी करेंगे। इसके लिए आरबीआई, सेबी, इरडा और पीएफआरडीए के बीच शुक्रवार को एक समझौता हुआ है। अभी तक आरबीआई के पास बैंकों की सहायक कंपनियों के खातों की जांच के अधिकार नहीं थे। अब आरबीआई बैंकों से जुड़ी कंपनियों के कामकाज की ज्यादा निगरानी कर सकेगा।
महिला बैंक का ब्लूप्रिंट बनाएगी समिति
देश के पहले महिला बैंक की रूपरेखा तय करने के लिए वित्त मंत्रालय ने एक समिति गठित की है। केनरा बैंक के पूर्व सीएमडी एमबीएन राव की अध्यक्षता वाली छह सदस्यों की यह समिति महिला बैंक का ब्लू प्रिंट तैयार करेगी। समिति को 30 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट देनी है। मंत्रालय नवंबर तक महिला बैंक को शुरू करने की कोशिश में जुटा है।