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छोटे और मझोले उपक्रमों को मिल सकेगा सस्ता कर्ज

Tue, 06 Nov 2012 11:37 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 06 Nov 2012 11:37 PM IST
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cheap loans for small and medium enterprises

छोटे और मझोले उपक्रमों को अब बैंकों की तुलना में सस्ता कर्ज मिल सकेगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) को विदेशी वाणिज्यिक कर्ज (ईसीबी) के जरिए पूंजी जुटाने की इजाजत दे दी है। सिडबी ईसीबी के जरिए जुटाई पूंजी को छोटे और मझोले उपक्रमों को दे सकेगा। आम तौर पर ईसीबी के जरिए मिलने वाला कर्ज बैंकों की तुलना में सस्ता होता है। अभी छोटे और मझोले उपक्रमों के लिए ईसीबी के जरिए पूंजी जुटाने की सीधी व्यवस्था नहीं थी।

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रिजर्व बैंक के निर्देश के तहत सिडबी एक वित्त वर्ष में 50 करोड़ डॉलर तक जुटा सकेगा। जिसके तहत 50 फीसदी राशि ऑटोमेटिक रूट से और शेष राशि अप्रूवल रुट से जुटाई जा सकेगी। सिडबी द्वारा लिया गया कर्ज केवल छोटे और मझोले उपक्रमों को ही दिया जा सकेगा।
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रिजर्व बैंक ने मंगलवार को ही क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के लिए जारी निर्देश में कहा है कि आरआरबी अब राज्य सरकार के कारोबार को अपने प्रायोजक बैंक के उप-एजेंट के रुप में ले सकती है। इसके लिए आरआरबी के प्रायोजक बैंक को राज्य सरकार और आरबीआई से मंजूरी लेनी होगी।
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इसके अलावा रिजर्व बैंक ने छोटे शहरों में ज्यादा से ज्यादा विस्तार के लिए आरआरबी को कहा है कि वह हर साल अपनी शाखा के विस्तार में कम से कम 25 फीसदी शाखा टियर-5 और टियर-6 शहरों की हिस्सेदारी रखें। यह ऐसे शहर होने चाहिए जहां कि अभी तक बैंकिंग व्यवस्था शुरु नहीं हो पाई है।

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