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नहीं बदली, तो बदल डालिए पुरानी चेक बुक
नई दिल्ली/कौस्तुभ उपाध्याय
Updated Tue, 04 Dec 2012 11:42 PM IST
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बैंक से अगर आपने अबतक नए फार्मेट वाली चेक बुक नहीं ली है, तो अब जाग जाइये, क्योंकि नए साल यानी 1 जनवरी 2013 से आपकी पुरानी चेक बुक किसी काम की नहीं रहेगी। अगले माह से बैंक केवल नए चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस-2010) वाले चेकों को ही स्वीकार करेंगे। ऐसा खुद ग्राहकों को सहूलियत देने के लिए किया जा रहा है। नए सिस्टम के शुरू हो जाने से जहां क्लीयरेंस की प्रक्रिया में काफी तेजी आ जाएगी, वहीं चेकों से जुड़े फ्रॉड व फर्जीवाड़े पर भी रोक लग जाएगी।
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ऐसे काम करेगा सीटीएस -2010
सीटीएस -2010 फार्मेट में चेकों के फिजिकल क्लीयरेंस की जरूरत पूरी तरह खत्म हो जाएगी। चेक की क्लीयरेंस प्रक्रिया पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक हो जाएगी, जोकि चेक पर अंकित इलेक्ट्रानिक कोड और इमेज के आधार पर काम करेगी, जिन्हें कैप्चर करके उनमें दी गई जानकारियों के आधार पर चेक को क्लीयर किया जाएगा। नए चेकों में ऐसे कई फीचर होंगे जिनके चलते इनकी डुप्लीकेसी या कोई फ्रॉड करना तकरीबन नामुमकिन होगा। चेक पर एक अदृश्य अल्ट्रा वायलेट (यूवी) स्याही से बैंक का लोगो छपा होगा, जो केवल यूवी रोशनी में ही दिखेगा। इसके अलावा चेक पर एक खास तरह का वीओआईडी फोटोग्राफ अंकित होगा, जोकि चेक के लिए कोड का काम करेगा। चेक पर चेक प्रिंटर की जानकारी के साथ सीटीएस- 2010 अंकित होगा। नए चेकों में रकम को अंकों में भरने के लिए दिए गए बॉक्सों के आगे रुपये का प्रतीक चिह्न भी अंकित होगा। इसके अलावा पांचवां नया फीचर यह होगा कि नए फीचर पर आपको हस्ताक्षर एक निर्धारित स्थान पर ही करना होगा। इसे दर्शाने के लिए चेक पर एक बॉक्स में ‘प्लीज साइन अबव’ यानी कृपया इसके ऊपर हस्ताक्षर करें लिखा होगा। हस्ताक्षर की ठीक से स्कैनिंग के लिए ग्राहक को इसी स्थान पर दस्तखत करना होगा।
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कैसे मिलेगी नई चेक बुक
अगर आपने पिछले एक-डेढ़ महीने में नई चेक बुक ऑर्डर की है, तो बहुत संभव है कि बैंक ने आपको जो चेक बुक दी हो वह सीटीएस- 2010 प्रणाली की हो क्योंकि ज्यादातर बैंक इन्हें जारी करना शुरू कर चुके हैं। नई चेकबुक अगर नहीं ली है, तो उसे हासिल करने के दो तरीके हैं। इसमें बैंक आपको रजिस्टर्ड डाक या कोरियर से चेकबुक भेज कर पुरानी चेक बुक को निरस्त करने को कह सकता है। इसके अलावा बैंक पुरानी चेक बुक सरेंडर करके नई चेक बुक लेने को भी कह सकता है, जिसके लिए आपको बैंक शाखा जाना होगा।
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बदलने होंगे पोस्ट डेटेड चेक भी
अगर आपने अपने होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन आदि की ईएमआई के लिए अथवा किसी को भुगतान के लिए ऐसे पोस्ट डेटेड चेक (पीडीसी) जारी किए हैं, जिनकी तारीख 1 जनवरी 2013 या उसके बाद की है, तो आपको इसकी जगह नए चेक जारी करने होंगे। आपके पुराने चेकों को क्लीयर नहीं किया जाएगा। रिजर्व बैंक नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) और बैंकों को निर्देश जारी कर दिया है कि अगर उन्होंने अपने मौजूदा ग्राहकों से ईएमआई के लिए पीडीसी ले रखें हैं, तो 31 दिसंबर तक उनकी जगह नए चेक हासिल कर लें। पुराने चेकों को नए साल में क्लीयर नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर अगर आपने ईएमआई के लिए इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरगिं सिस्टम (ईसीएस) को अपना रखा है, तो आपको परेशान होने की कोई जरूरत नहीं, क्योंकि इस पर सीटीएस -2010 का कोई असर नहीं पड़ेगा और आपकी किस्तें आपके खाते से पूर्ववत कटती रहेंगी।
चेकों को करा लें कैश
अगर आपके पास भुगतान प्राप्त करने के लिए कोई चेक पड़ा हुआ है, तो बहुत जरूरी है कि आप उसे सीटीएस -2010 के लागू होने से पहले यानी 31 दिसंबर तक कैश करा लें क्योंकि संभव है कि नए साल में यह चेक कैश न हों। रिजर्व बैंक द्वारा जानकारी निर्देश के मुताबिक पुराने फार्मेट के चेक 31 दिसंबर तक ही स्वीकार किए जाने हैं। हालांकि इस बारे में अभी आरबीआई के निर्देश नहीं आए हैं कि 31 दिसंबर के बाद पुराने चेकों को स्वीकार किया जाए या नहीं। इसलिए बेहतर है कि चेक के अस्वीकार होने के जोखिम से बचने के लिए उसे जल्द से जल्द कैश करा लिया जाए।
सतर्क होकर काटें नया चेक
सीटीएस -2010 सिस्टम वाले चेकों को जारी करते समय ग्राहकों को खास सतर्क रहने की जरूरत होगी, क्योंकि इसमें काट-पीट नहीं चलेगी। चेक में भरी जाने वाली मुख्य जानकारियों जैसे चेक जारी करने वाले का नाम, रकम अंकों में व शब्दों में जैसे कॉलमों में कोई सुधार (करेक्शन या अल्टरेशन) स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में गलती होने पर आपको नया चेक ही जारी करना पड़ेगा। इसके अलावा सीटीएस-2010 चेकों को जारी करने में ऐसे रंग की स्याही वाली कलम का ही इस्तेमाल करना होगा, जो इमेज फ्रेंडली हों यानी जिनकी स्कैनिंग व इमेजिंग आसानी से हो सके। आरबीआई ने इसके लिए गाढ़े रंग की स्याही इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।