'खत्म नहीं होंगे आरटीओ ऑफिस, बदलेगी व्यवस्था'
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केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) को खत्म नहीं किया जाएगा। इसकी बजाय इन दफ्तरों में होने वाले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की तैयारी की जा रही है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि आरटीओ के भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सरकार मोटर वाहन कानून में संशोधन करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नया वाहन कानून ई-गवर्नेंस की मदद से आरटीओ के भ्रष्टाचार को खत्म करने में सक्षम होगा।
आरटीओ नहीं किया जाएगा खत्म
इससे पहले सोमवार को नितिन गडकरी ने पुणे में आरटीओ को भ्रष्टाचार का केंद्र बताते हुए इन्हें खत्म करने की बात कही थी। लेकिन आरटीओ के संचालन में राज्य सरकारों की भूमिका और नई व्यवस्था में लगने वाले समय को देखते हुए गडकरी अब आरटीओ के बजाय इसके भ्रष्टाचार पर निशाना साध रहे हैं।
मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए गडकरी ने कहा कि देशभर में आरटीओ के भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए संसद के अगले सत्र में मोटर वाहन संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा।
ऑनलाइन शुरू होंगी कई प्रक्रिया
पिछले दिनों प्रधानमंत्री कार्यालय ने सड़क परिवहन मंत्रालय से आरटीओ के भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की रूपरेखा मांगी थी। इसके जवाब में मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने से जुड़े कई सुझाव दिए हैं।
इसके अलावा हाईवे निर्माण के क्षेत्र में आ रही दिक्कतों को स्वीकार करते हुए नितिन गडकरी ने कहा है कि गत जुलाई माह के दौरान देश में एक किलोमीटर हाईवे नेटवर्क का भी विस्तार नहीं हुआ है।
ऑनलाइन सिस्टम से अफसरों पर अंकुश
मंत्रालय की योजना के मुताबिक, आरटीओ से जुड़े ड्राइविंग लाइसेंस जैसे कामों में अफसरों की मर्जी के बजाय ऑनलाइन टेस्ट, कैमरा मॉनिटरिंग को बढ़ा दिया जाएगा।
ड्राइविंग लाइसेंस में भी पीपीपी
लाइसेंस बनाने की शुरुआती प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के अलावा ड्राइविंग टेस्ट के लिए निजी भागीदारी में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों को अधिकृत करने पर विचार किया जा रहा है।