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पूंजी निवेश की सुस्त चाल तोड़ने को बना सीसीआई

Fri, 14 Dec 2012 11:29 AM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 14 Dec 2012 11:29 AM IST
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cci will help fresh economic reforms

सरकार ने देश में पूंजी निवेश की सुस्त चाल का दौर खत्म करने के लिए कैबिनेट की एक नई ताकतवर समिति बना दी है। 'कैबिनेट कमिटी ऑन इनवेस्टमेंट' यानी सीसीआई के नए अवतार में आयी इस समिति की अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री करेंगे।

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ढांचागत सहित तमाम क्षेत्रों में 1,000 करोड़ रुपए से अधिक के सभी निवेश प्रस्तावों को अब सीधे सीसीआई हरी झंडी देगी। सीसीआई से मंजूर निवेश परियोजनाओं को सिंगल विंडो क्लियरेंस मिलेगा। वित्तमंत्री पी चिदंबरम के राष्ट्रीय निवेश प्रमोशन बोर्ड बनाने के प्रस्ताव पर मंत्रालयों के बीच आपसी गहरे विवादों को देखते हुए बीच का फार्मूला निकालते हुए सीसीआई के गठन का फैसला लिया गया है।
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कैबिनेट कमिटी ऑन इनवेस्टमेंट के इस नए तंत्र के जरिए सरकार आर्थिक सुधारों के अपने ताजा दौर को रफ्तार देना चाहती है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में सीसीआई के गठन पर मुहर लगाई गई। सीसीआई सभी मेगा और अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं को सीधे मंजूरी दे सकेगी। ताकि, अफसरशाही के चंगुल की वजह से परियोजनाओं में विलंब न हो और देशी-विदेशी निवेश को तेज किया जा सके।
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गौरतलब है कि चिदंबरम ने देश में विदेशी पूंजी निवेश और ढांचागत क्षेत्रों में निवेश की सुस्त रफ्तार को देखते हुए एक हाई पावर नेशनल प्रमोशन बोर्ड बनाने का प्रस्ताव दिया था। मगर पर्यावरण मंत्रालय समेत कई मंत्रालयों ने इसका यह कहते हुए विरोध किया था कि यह वित्त मंत्रालय को न केवल एकछत्र अधिकार दे रहा है बल्कि दूसरे महकमों के अधिकारों पर अतिक्रमण है।


सरकार के अंदर इन विवादों को देखते हुए ही सीसीआई के रुप में बीच का यह रास्ता निकाला गया है। चूंकि प्रधानमंत्री खुद इसके अध्यक्ष होंगे इसलिए एतराज उठाने वाले मंत्रालयों को भी इस पर आपत्ति नहीं है। इसीलिए इसका नाम भी प्रमोशन बोर्ड नहीं रखा गया बल्कि इसे कैबिनेट की एक समिति का रुप दे दिया गया है।

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