कालेधन पर खुलासे से मिले केवल 3770 करोड़
विदेशों में कालाधन छुपाने वालों के लिए सरकार की ओर से तय की गई अंतिम समय सीमा के तहत देशभर में महज 638 लोगों ने 3770 करोड़ रुपये के कालेधन का खुलासा किया है।
इससे न सिर्फ आयकर विभाग के अधिकारी बल्कि वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी स्तब्ध हैं। अब इस बात की रणनीति बनायी जा रही है है कि कालेधन को विदेशों में छुपाने वालों के खिलाफ क्या और कैसे कार्रवाई हो। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अब देश भर में छापा मार कर ऐसे लोगों को पकड़ा जाएगा।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक हालांकि इस बात की कोई सटीक जानकारी नहीं है कि विदेशों में भारत का कितना कालाधन छुपाया गया है। लेकिन आधिकारिक और गैर आधिकारिक मंचों से जो भी अनुमान आता रहा है, उसके मुकाबले कंप्लायेंस विंडों में काफी कम राशि का खुलासा हुआ है।
इसलिए केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड -सीबीडीटी- के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मंत्रणा की जा रही है। उसके बाद तय किया जाएगा कि कालाधन छुपाने वालों को पकड़ने के लिए क्या-क्या किया जाए। उन्होंने एक बात का तो स्पष्ट संकेत दिया कि देशभर में ऐसे लोगों के यहां छापा मारने का काम शीघ्र ही शुरू हो जाएगा।
कुल 3770 करोड़ रुपये का हुआ खुलासा
सीबीडीटी की अध्यक्ष अनिता कपूर ने बृहस्पतिवार को यहां बताया कि कंप्लायेंस विंडो पर तीन महीने के दौरान कुल 638 लोगों ने 3770 करोड़ रुपये का खुलासा किया। इन्हें 31 दिसंबर 2015 तक कर और जुर्माने की रकम की अदायगी करनी होगी।
इन लोगों पर 30 फीसदी की दर से कर लगाया जाएगा जबकि 30 फीसदी का जुर्माना लगाया जाएगा। यह कंप्लायेंस विंडो इसी वर्ष एक जुलाई को खोला गया था। जिन्होंने इसके तहत खुलासा नहीं किया, उस पर क्या कार्रवाई होगी, इस सवाल पर कपूर का कहना था कि अब तो बस दोषियों को पकड़ा जाएगा।
इसके लिए विभाग की रणनीति बन रही है। ऐसे लोगों पर ब्लैक मनी -अनडिस्क्लोज्ड फॉरेन इनकम एंड एसेट- एंड इंपोजिशना ऑफ टैक्स एक्ट 2015 के तहत कार्रवाई होगी।