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आयकर विवाद कम करने के लिए समिति
Updated Thu, 17 Jul 2014 09:17 PM IST
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मौजूदा प्राथमिक अभियोग तंत्र का विश्लेषण करने तथा आयकर विभाग में विवादों के समाधान के लिए होने वाले मुकदमों की संख्या कम करने के मामले पर सलाह देने के लिए छह सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है।
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सीबीडीटी की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, आयकर विभाग के मुख्य आयुक्त स्तर का अधिकारी समिति का अध्यक्ष तथा पांच आयुक्त इसके सदस्य होंगे। समिति आठ सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। भारतीय राजस्व सेवा की वरिष्ठ अधिकारी एवं अहमदाबाद मुख्य आयकर आयुक्त रानी एस नायर को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
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सीबीडीटी ने कहा कि आयकर आयुक्त (अपीलीय) एवं आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) के मौजूदा विवाद निपटारा फोरम की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने तथा इन फोरम के पास आनेवाले मुकदमों को कम करने के लिए आवश्यक सलाह देने के मकसद से कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है।
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समिति न्यायाधिकरण के आदेशों का विभिन्न संदर्भों में विस्तृत विश्लेषण एवं मूल्यांकन करेगी तथा आयकर आयुक्त (अपीलीय) के समक्ष आनेवाले मामलों को कम करने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदम के बारे सिफारिश करेगी। साथ ही आयकर विभाग द्वारा आईईएटी में अपील दायर करने की मौजूदा प्रणाली के प्रभावों का भी अध्ययन करेगी।
सीबीडीटी ने नई समिति से आयकर अधिकारियों द्वारा पूरे देश के विभिन्न आय समूह के लिए जारी मूल्यांकन आदेशों का अध्ययन तथा उन्हें श्रेणीबद्ध करने को कहा है। सीबीडीटी द्वारा निर्धारित श्रेणियों में 25 लाख रुपये से कम, 25 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये के बीच, एक करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये के बीच और दस करोड़ रुपये से अधिक आय वालों को शामिल किया गया है। सीबीडीटी ने पहली बार इन मामलों पर उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है।