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चार महीने बाद कारों की बिक्री में आई तेजी
अमर उजाला ब्यूरो/नई दिल्ली
Updated Tue, 11 Mar 2014 05:10 PM IST
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अंतरिम बजट में उत्पाद शुल्क में हुई कटौती का असर फरवरी में कारों की बिक्री में आई तेजी के रूप में दिखा है। चार महीने बाद पहली बार कारों की बिक्री 1.39 फीसदी की दर से बढ़ी है।
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बिक्री में आई तेजी को अभी भी कार कंपनियां स्थायी नहीं मान रही है, कंपनियों के अनुसार इस सुधार को रिकवरी के रूप में नहीं देखा जा सकता है। इसका सही आकलन नई सरकार के गठन के बाद हो सकेगा।
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द सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री मैन्यूफैक्चर्स (सिआम) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी के महीने में कारों की घरेलू बाजार में बिक्री 1.39 फीसदी बढ़कर 1,60,718 यूनिट हो गई है। वहीं, दुपहिया वाहनों की बिक्री 9.69 फीसदी बढ़कर 12 लाख 20 हजार पर पहुंच गई।
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इसमें सबसे ज्यादा बिक्री स्कूटर सेगमेंट में हुई है, जो कि 28.19 फीसदी की दर से बढ़ा है, जबकि मोटरसाइकिल सेगमेंट की बिक्री 9.69 फीसदी बढ़ी है।
बिक्री में सुधार पर सिआम के डायरेक्टर जनरल विष्णु माथुर ने कहा हमें कंपनियों से यह फीडबैक मिल रहा है कि ग्राहकों में कारों के लिए रुचि बढ़ी है। इसकी प्रमुख वजह बजट में उत्पाद शुल्क में कटौती और ऑटो एक्सपो से माहौल में आया सकारात्मक बदलाव रहा। माथुर के अनुसार हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि रिकवरी शुरू हो गई है।
जहां तक चालू वित्त वर्ष की बात है तो मार्च में भी तेजी रहने के बावजूद पूरे साल के आंकड़े सुस्त ही रहेंगे। नई सरकार आने और उसकी नीतियों पर बहुत कुछ रिकवरी निर्भर करेगी। सिआम के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से फरवरी की अवधि में अभी भी कारों की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 4.6 फीसदी कम रही है।
उसमें पैसेंजर वाहनों की बिक्री 5.9 फीसदी कम रही है। अर्थव्यवस्था में सुस्ती का असर सबसे ज्यादा वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री पर हुआ है। वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री घरेलू बाजार में 29.84 फीसदी गिरी है। जबकि अप्रैल से फरवरी की अवधि में यह 19.71 फीसदी गिरी है।