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यूपी की चीनी मिलों ने दी पेराई शुरू न करने की धमकी

Wed, 06 Aug 2014 08:59 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 06 Aug 2014 08:59 AM IST
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Cane price row:UP mills threaten to shut operations in 2014-15

उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों ने 2014-15 सीजन में पेराई शुरू न करने की धमकी दी है। मिलों का कहना है कि अगर राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों की तर्ज पर गन्ने की कीमतों को चीनी से रिकवरी से नहीं जोड़ा तो उन्हें यह कदम उठाना पड़ेगा।

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यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन ने कहा है कि उसने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को लिखा है कि वह 2014-15 में पेराई शुरू नही करेगा,क्योंकि नुकसान में चीनी मिलों को चलाना संभव नहीं है। निजी चीनी मिलों की यह चेतावनी राज्य सरकार द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान में डिफाल्टर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के बाद आई है।
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यूपी चीनी मिल एसोसिएशन के चेयरमैन सीबी पटौदिया ने बताया कि इस संबंध में यह फैसला किया गया है, क्योंकि राज्य सरकार ने अक्तूबर 2013 में पेराई सत्र शुरू होने के साथ मिलों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने का वादा पूरा नहीं किया और एक तर्कसंगत गन्ना मूल्य निर्धारण नीति को भी नहीं अपनाया है।
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इसके बजाय सरकार की ओर से रिकवरी सर्टिफिकेट्स, एफआईआर और गिरफ्तारी जैसी कदम उठाए गए। पटौदिया ने कहा कि यूपी सरकार की ओर से 2014-15 (अक्तूबर-सितंबर) के लिए एक तर्कसंगत गन्ना मूल्य निर्धारण फार्मूला अपनाने पर स्पष्टता नहीं होने के कारण चीनी मिलें पेराई शुरू करने की स्थिति में नहीं है।


पेराई बंद करने का नोटिस 4 अगस्त को राज्य सरकार को भेज दिया गया है। इसके बाद व्यक्तिगत स्तर पर मिलें राज्य सरकार को अपना नोटिस सौंप रही हैं। यूपी सरकार द्वारा गन्ने की ऊंची कीमतें तय करने और नकदी की तंगी के चलते चीनी मिलें किसानों को समय से भुगतान करने में सक्षम नहीं हो पा रही हैं। मिलों पर बकाया भुगतान बढ़कर 7,000 करोड़ रुपये पहुंच गया है। घरेलू स्तर पर बंपर उत्पादन की उम्मीद में उत्पादन लागत से कम पर चीनी बेचने कारण चीनी मिलें वित्तीय नुकसान से जूझ रही हैं।

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