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...तो 64 पैसे तक बढ़ जाएगी कॉल दरें

Wed, 17 Oct 2012 08:44 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 17 Oct 2012 08:44 PM IST
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call rates may increase up to 64 paisa

नौ सौ मेगाहर्ट्ज के लाइसेंस पर 2जी सेवा देने वाली कंपनियों को अब लाइसेंस नवीनीकरण के समय 1800 मेगाहर्ट्ज के स्पेक्ट्रम पर स्थानांतरित होना होगा। माना जा रहा है ऐसा होने से कॉल रेट की दरें 64 पैसे तक बढ़ सकती हैं।

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इससे सरकार को नीलामी के जरिए ज्यादा राजस्व मिलने की उम्मीद है, वहीं मौजूदा टेलीकॉम कंपनियों की लागत में नए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की वजह से बढ़ोतरी होगी। कंपनियों के अनुसार इसका असर बढ़ी हुई टैरिफ दरों के रूप में ग्राहकों पर पड़ेगा। बुधवार को डिपार्टमेंट ऑफ टेली कम्युनिकेशन के सचिव आर चंद्रशेखर की अध्यक्षता में टेलीकॉम कमीशन ने 900 मेगाहर्ट्ज की पूरी तरह से री-फार्मिंग करने की सिफारिश कर दी है।
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कमीशन द्वारा की गई सिफारिश के तहत 900 मेगाहर्ट्ज बैंड को 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड पर स्थानांतरित किया जाएगा। अभी 900 मेगाहर्ट्ज का इस्तेमाल भारती एयरटेल लिमिटेड, वोडाफोन इंडिया लिमिटेड और आइडिया लिमिटेड प्रमुख रूप से कर रही हैं।
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मौजूदा कंपनियों को उनकी लाइसेंस अवधि खत्म होने के बाद 1800 मेगाहर्ट्ज पर जाना होगा, जिसके लिए सरकार नए सिरे से नीलामी की तैयारी कर रही है। जो कि 12 नवंबर से शुरू होने की उम्मीद है। कंपनियों के अनुसार 1,800 मेगाहर्ट्ज पर जाने के लिए उन्हें नए सिरे से खर्चीला इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना होगा। जिसकी वजह से उनकी लागत में बढ़ोतरी होगी।

वहीं कमीशन की दलील है कि इसके 900 मेगाहर्ट्ज की री-फार्मिंग होने से जहां उसकी नीलामी के समय नई और पुरानी सभी कंपनियों को बराबर का मौका मिलेगा, वहीं सरकार के लिए अधिकतम राजस्व प्राप्त करने का भी अवसर होगा।


मेट्रो सर्किल में मौजूदा कंपनियों का लाइसेंस नवंबर 2014 में और दूसरे सर्किल में 2015 और 2016 में नवीनीकरण होना निर्धारित है। कमीशन के इस फैसले पर अब वित्त मंत्री पी चिदंबरम की अध्यक्षता में गठित उच्चाधिकार प्राप्त मंत्रियों का समूह फैसला करेगा।
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