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वेदांता को कर्ज देकर सवालों से घिरी केयर्न इंडिया

Thu, 24 Jul 2014 10:21 PM IST
अजीत सिंह/अमर उजाला, दिल्ली
अजीत सिंह/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 24 Jul 2014 10:21 PM IST
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Cairn India gives surprise $1.25bn loan to Vedanta group company.

केयर्न इंडिया वेदांता समूह से जुड़ी एक कंपनी को 125 करोड़ डॉलर (करीब 7500 करोड़ रुपये) का कर्ज देकर सवालों से घिर गई है। इससे न सिर्फ निवेशकों में निराशा है बल्कि कंपनी के कॉरपोरेश प्रबंधन को लेकर शंकाएं जताई जा रही हैं। अहम बात यह है कि केयर्न इंडिया ने वेदांता समूह की सेसा स्टरलाइट की सब्सिडियरी को इतना बड़ा कर्ज दिया है। जबकि पूंजीगत व्यय के नाम पर कंपनी अपने निवेशकों को स्पेशल डिविडेंड देने से कतरा रही है।

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केयर्न इंडिया ने अगले तीन साल में 300 करोड़ डॉलर के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) की योजना बनाई है। जहां एक तरफ केयर्न इंडिया को खुद पूंजी की जरूरत है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी 125 करोड़ डॉलर का कर्ज बांट रही है। अनिल अग्रवाल के वेदांता समूह की कंपनी सेसा स्टरलाइट की सब्सिडियरी को दो साल के लिए 80 करोड़ डॉलर का कर्ज दिया जा चुका है। बाकी राशि जल्द ही दी जाएगी।
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सेबी के पूर्व कार्यकारी निदेशक जेएन गुप्ता का कहना है कि इस तरह कर्ज बांटने से केयर्न इंडिया के पास तरलता को लेकर समस्या हो सकती है। ऐसे मामलों में समय पर पैसा वापस नहीं मिलने का खतरा भी रहता है। ब्रोकरेज फर्म जेफ्रीज इंडिया ने इस मामले पर जारी नोट में कहा है कि हालांकि कंपनी प्रबंधन इस लेनदेन का अच्छी कमाई देने वाला ट्रेजरी ऑपरेशन कहकर उचित ठहराया है, लेकिन सरप्लस फंड निवेशकों को डिविडेंड या बाय बैक के जरिए लौटाना बेहतर होता। गोल्डमैन सॉक्स इनवेस्टमेंट रिसर्च के एमडी और एशिया-पैसेफिक हेड (एनर्जी) नीलेश बनर्जी के मुताबिक, इस तरह के लेनदेन से हितों के टकराव को लेकर शंकाएं पैदा होती हैं।
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बुधवार को केयर्न इंडिया के तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों को इस मामले की जानकारी मिली। कंपनी का दावा है कि इस कर्ज से निवेश के मौजूदा विकल्प के अपेक्षा अधिक रिटर्न मिलेगा। हालांकि, यह कर्ज भारत में प्रचलित ब्याज दरों के मुकाबले काफी कम रेट (लेबॉर+3 फीसदी) पर दिया गया है। केयर्न इंडिया के इस कदम से निवेशकों में खलबली मची है। बृहस्पतिवार को कंपनी के शेयर बीएससी पर 6.67 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए।

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