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कैबिनेट देगा स्कूटर्स इंडिया पर फैसला
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jan 2013 12:12 AM IST
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बीमार पीएसयू स्कूटर्स इंडिया लिमिटेड के पुनरोद्धार के लिए 200 करोड़ रुपए से ज्यादा के सुधार पैकेज पर बृहस्पतिवार को कैबिनेट की मुहर लग सकती है। भारी उद्योग मंत्रालय के प्रस्ताव पर अगर कैबिनेट की सहमति बनती है तो कंपनी के लिए नकद और गैर नकद सहायता का रास्ता खुल जाएगा।
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नकद सहायता के रुप में इक्विटी, अनुदान और कर्ज का प्रावधान रखा जाएगा। जबकि गैर नकद सहायता के रुप में कर्ज पर ब्याज में छूट या ऋण का इक्विटी में रुपांतरण की योजना पेश की जा सकती है।
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सूत्रों की माने तो करीब 83 करोड़ रुपए का इक्विटी में रुपांतरण हो सकता है। कंपनी के पुनरोद्धार के लिए भारी उद्योग मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के पुनर्निर्माण के लिए गठित बोर्ड से पहले पहल सलाह ली थी। इस बोर्ड ने कंपनी की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के आधार पर सुधार के लिए पैकेज का सुझाव पेश किया था।
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उल्लेखनीय है कि 2011 में कैबिनेट ने स्कूटर्स इंडिया से सरकार की पूरी हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। सूत्रों की माने तो स्कूटर्स इंडिया से अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने की सरकार की योजना के बाद से ही भारी उद्योग मंत्रालय ने कंपनी के कायाकल्प के लिए सुधार पैकेज देने पर विचार शुरू कर दिया था।
वर्ष 2002-03 से घाटे में चल रही इस कंपनी को 2009 में बीमार कंपनी का दर्जा दे दिया गया था। अनुमानित तौर पर स्कूटर्स इंडिया लिमिटेड में एक हजार से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। देश में विजय सुपर के नाम से स्कूटर तैयार करने वाली स्कूटर्स इंडिया फिलहाल तिपहिया वाहन के मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग में लगी हुई है। पिछले वित्त वर्ष 2011-12 में कंपनी को 20 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।