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बीमा विधेयक पर भीतर-बाहर विरोध, पूरी तैयारी में सरकार

Tue, 25 Nov 2014 09:32 AM IST
नई दिल्ली/ शिशिर चौरसिया
नई दिल्ली/ शिशिर चौरसिया Updated Tue, 25 Nov 2014 09:32 AM IST
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Bypassing protest, Government all set to go ahed on insurance bill

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की सहायक इकाई स्वदेशी जागरण मंच के विरोध के बावजूद सरकार बीमा (संशोधन) विधेयक को संसद में पारित कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। कुछ विपक्षी दल भी नहीं चाहते कि बीमा में विदेशी निवेश की सीमा 26 फीसदी से बढ़ा कर 49 फीसदी की जाए। सरकार आश्वस्त है कि शीतकालीन सत्र के दौरान ही राज्यसभा की प्रवर समिति की रिपोर्ट मिल जाएगी। उसके बाद विधेयक को मंजूरी के लिए बढ़ाया जाएगा।

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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले सप्ताह ही विश्वास जताया है कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा की प्रवर समिति बीमा (संशोधन) विधेयक पर अपनी रिपोर्ट दे देगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विधेयक को लेकर पूरी तैयारी है। जैसे ही प्रवर समित की रिपोर्ट आएगी, उसके हिसाब से विधेयक का मसौदा तैयार कर दिया जाएगा, ताकि इसे जरूरी अनुमोदन के बाद सदन में पेश किया जा सके।
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इस समय प्रवर समिति के दो सदस्य (जय प्रकाश नड्डा और मुख्तार अब्बास नकवी ) मंत्रिमंडल में शामिल हो गए हैं, इसलिए उनके स्थान पर नए सदस्यों को शामिल किया जाएगा। उसके बाद समिति की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें विधेयक के एक-एक अध्याय पर चर्चा होगी। उसमें यदि सहमति बनती है, तो अंतिम रिपोर्ट दे दी जाएगी।
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हालांकि सरकार के इरादे के विपरीत कुछ विपक्षी दलों ने इस पर विरोध का अपना इरादा जता दिया है। इनमें समाजवादी पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), तृणमूल कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी आदि शामिल हैं। सिर्फ विपक्षी पार्टियां ही नहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंधित संगठन स्वदेशी जागरण मंच भी बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाए जाने के खिलाफ है। संगठन का कहना है कि बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने को लेकर उनका सदा से विरोध रहा है और यह अभी भी जारी रहेगा।


भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य चंदन मित्रा की अध्यक्षता वाली इस प्रवर समिति में समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, कांग्रेस के आनंद शर्मा, बीके हरिप्रसाद और जेडी सीलम, बहुजन समाज पार्टी के सतीश चन्द्र मिश्रा, जद (यू) से केसी त्यागी, तृणमूल कांग्रेस के डेरिक ओ ब्रेन, अन्नाद्रमुक के वी. मैत्रेययन, बीजू जनता दल के कल्पतरु दास, शिरोमणि अकाली दल के नरेश गुजराल, माकपा के पी. राजीव और निर्दलीय सदस्य राजीव चन्द्रशेखर भी शामिल हैं।

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