जेटली के पिटारे से शिक्षा क्षेत्र को क्या मिला?
बजट 2016 पेश किया जा चुका है। इसमें सबसे अधिक बजट कृषि के लिए आवंटित किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने कुछ खास कदम उठाने की बात कही है।
देश में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए और सर्व शिक्षा अभियान को ध्यान में रखते हुए आने वाले दो सालों में 62 नए नवोदय विद्यालय खोलने की योजना है।
साथ ही दस सरकारी और दस निजी संस्थाों को एक समर्थकारी विनियामक संरचना मुहैया कराई जाएगी ताकि वे विश्वस्तरीय शिक्षण और अनुसंधान संस्थाओं के रूप में उभर सकें।
इसके अलावा, इस बजट में सरकार ने 1000 करोड़ रुपए की आरंभिक पूंजी के साथ उच्च शिक्षा वित्तपोषण एजेंसी (हेफा) स्थापित करने का निर्णय लिया है।
हेफा 'न हानि न लाभ' के आधार पर काम करने वाला संगठन होगा जो बाजार से निधियां प्राप्त करेगा और इसकी आपूर्ति दान और सीएसआर निधियों से करेगा।
कौशल विकास भी है लक्ष्य
विद्यार्थियों, उच्चतकर शिक्षा संस्थाओं और नियोक्ताओं को अभ्यर्थियों के डिग्री प्रमाणपत्र सुलभ कराने के लिए, प्रतिभूति निक्षेपागार की तर्ज पर, विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्रों, कॉलेज उपाधियों, शैक्षणिक पुरस्कारों तथा अंक तालिकाओं संबंधी एक डिजिटल निक्षेपागार की स्थापना किए जाने का प्रस्ताव है। यह उनकी प्रामाणिकता के वैधीकरण, सुरक्षित संचयन और आसानी से पुन: प्राप्ति में सहायक होगा।
देशभर के 2200 कॉलेजों, 300 विद्यालयों, 500 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और 50 व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्रों में व्यापक ओपन ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के जरिए उद्यमिता शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस कदम से सरकार कौशल विकास की तरफ एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रही है।