फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   big threat for debit-credit card user.

डेबिट-क्रेडिट कार्ड यूज करने वालों को 'बड़ा खतरा'

Thu, 04 Sep 2014 12:44 PM IST
Updated Thu, 04 Sep 2014 12:44 PM IST
विज्ञापन
big threat for debit-credit card user.

यदि आप क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिए खरीददारी करते हैं, तो सतर्क हो जाइए। इस समय भारतीय साइबर स्पेस में एक खतरनाक वायरस ‘बैकऑफ’ फैल गया है जो कि पीओएस मशीन पर क्रेडिट और डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करने से न केवल तेजी से फैल रहा है, बल्कि आपके कार्ड के जरूरी डाटा भी हैक कर रहा है।

विज्ञापन


ऐसे में आपको खरीददारी के दौरान बेहद सतर्कता बरतने की जरूरत है। इसके साथ ही ‘बैकऑफ’ उन कंप्यूटरों से भी तेजी से फैल रहा है जहां पर विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
विज्ञापन


भारतीय इंटरनेट डोमेन को हैकिंग, फिसिंग जैसे खतरों से सुरक्षा प्रदान करने वाली नोडल एजेंसी सीईआरटी-इन द्वारा जारी किए गए अलर्ट के मुताबिक ‘बैकऑफ’ ट्रोजन फैमिली का वायरस है, जो कि प्लास्टिक कार्ड पर लिखे धारक का नाम, खाता नंबर, एक्सपायरी तिथि, सीवीवी नंबर आदि को हैक कर लेता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

तेजी से फैल रहा वायरस

big threat for debit-credit card user.

साथ ही विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल कर रहे कंप्यूटर में भी यह तेजी से फैलकर आपके डाटा चुरा सकता है। ‘बैकऑफ’ की खास बात यह है कि इसे एंटीवायरस के जरिए भी डिटेक्ट करना आसान नहीं है।

ऐसे में आपको पीओएस मशीन से खरीददारी के साथ-साथ अपने सिस्टम के इस्तेमाल में भी खास तौर पर सावधानी बरतने की जरूरत है।

बचाव के उपाय
सीईआरटी-इन ने कहा है कि सभी पीओएस सिस्टम इस्तेमाल करने वाले दुकानदार उसे नियमित रूप से अपडेट करें। इसके अलावा सिस्टम इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता मॉलवेयर द्वारा बनने वाले फाइल, रजिस्ट्री एंट्री, लगातार डिलीट करें। इसी तरह ऑटो रन और ऑटो प्ले को डिसएबल करें।

विंडोज कंप्यूटर को ज्यादा खतरा

big threat for debit-credit card user.

फॉयरवाल को इनेबल रखें। अनट्रस्टेड ई-मेल, वेबसाइट आदि का इस्तेमाल न करे। इन कदमों के जरिए ‘बैकऑफ’ के खतरे से बचा जा सकता है।

‘बैकऑफ’ वायरस को विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले कंप्यूटर नेटवर्क में सेंध लगाते हुए पाया गया है। यह रिमोट डेस्कटॉप अप्लीकेशन से आपके सिस्टम को स्कैन करने के बहाने उसमें प्रवेश करता है।

इसके बाद पीओएस सिस्टम से डेबिट और क्रेडिट कार्ड से कार्ड धारक के नाम, अकाउंट नंबर, एक्सपायरी डेट, सीवीवी कोड आदि की चोरी कर लेता है। यह कीस्ट्रोक को कैप्चर कर भविष्य में हैकिंग जैसी घटना को अंजाम देने के लिए कमांड और कंट्रोल सर्वर को संदेश भेजता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed