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बैंक हड़ताल से 155 लाख करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित
नई दिल्ली /ब्यूरो
Updated Thu, 13 Nov 2014 09:02 AM IST
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वेतन बढ़ोतरी के मसले पर सरकारी बैंकों में बुधवार को आयोजित की गई देशव्यापी हड़ताल का मिला जुला असर रहा।
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ज्यादातर शाखाओं में वीरानी छाई रही तो कहीं कुछ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित भी थे। हड़ताल से करीब 155 लाख करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है।
आल इंडिया बैंक इंपलायीज एसोसिएशन (एआईबीईए) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विश्वास उतागी के मुताबिक देश भर में हड़ताल सफल रही और इसमें सिर्फ सरकारी बैंक के ही नहीं बल्कि कुछ निजी क्षेत्र के और विदेशी बैंकों के कर्मचारी भी शामिल हुए हैं।
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महत्वपूर्ण बात यह रही है कि चेक क्लियरिंग और आरटीजीएस ट्रांसफर पूरी तरह से ठप रहा। इस वजह से पूरे देश में करीब 155 लाख करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
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उन्होनें कहा कि जो अधिकारी या कर्मचारी प्रोबेशन पर होते हैं, वे हड़ताल में शामिल नहीं हो सकते। ऐसे ही लोग शाखा में उपस्थित थे। बाकी सभी हड़ताल पर थे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के संयोजक एमवी मुरली के मुताबिक वेतन बढ़ोतरी के मसले पर इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के साथ मंगलवार की बातचीत विफल रही है।
आईबीए 11 फीसदी वेतन बढ़ोतरी के पुराने रूख पर कायम है, जबकि बैंककर्मी 23 फीसदी से कम बढ़ोतरी नहीं चाहते हैं। इसलिए उनके पास हड़ताल पर जाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा।
मुरली के मुताबिक बैंककर्मियों ने 25 फीसदी वेतन बढ़ोतरी की मांग को घटा कर 23 फीसदी कर दिया लेकिन आईबीए अपने पुराने रूख पर ही कायम है। इससे पहले भी 10 और 11 फरवरी को सरकारी बैंकों में इसी मसले पर हड़ताल हुई थी।