{"_id":"7c846c3db586053bc6f65e29b0090aae","slug":"bharti-walmart-part-ways","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुदा हो गईं भारती-वॉलमार्ट की राहें","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
जुदा हो गईं भारती-वॉलमार्ट की राहें
अमर उजाला,दिल्ली
Updated Wed, 09 Oct 2013 03:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिटेल व्यापार को लेकर हाथ मिलाने वाली भारती एंटरप्राइजेज और दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट के बीच का रिटेल कारोबार का करार टूट गया है।
विज्ञापन
अभी तक साथ-साथ बिजनेस करने वाली दोनों कंपनियों करीब छह साल अब अलग-अलग बिजनेस करने का फैसला किया है।
अभी तक भारत में ईजी डे और बेस्ट प्राइस नाम से चलने वाले थोक और खुदरा बाजार में भारती-वॉलमार्ट सयुंक्त उद्यम के तहत कारोबार करते थे। संयुक्त उद्यम में वॉलमार्ट की तरफ से भारती एंटरप्राइजेज की हिस्सेदारी खरीदे जाने की योजना है।
विज्ञापन
इसके अलावा वॉलमार्ट भारत में अब कारोबार करने के लिए नए साझेदार की सहायता की कोशिश में लगेगी। भारत में रिटेल क्षेत्र में पहले से फ्यूचर ग्रुप, रिलायंस, वी मार्ट, स्पेंसर्स अपने रिटेल स्टोर के जरिए कारोबार कर रहे हैं। भारती भी सेडार सपोर्ट में वॉलमार्ट के सीसीडी खरीदेगी।
विज्ञापन
द हिंदू के मुताबिकभारती एंटरप्राइजेज का कहना है कि रिटेल सब्सिडियरी में निवेश जारी रखेंगे। वहीं वॉलमार्ट का कहना है कि दोनों कंपनियों के फायदे के लिए अलग होने का कदम उठाया गया है। साथ ही अब भारत में रिटेल एफडीआई को बढ़ावा देने के कदमों का इंतजार है।
भारती एंटरप्राइजेज और वॉलमार्ट के बीच साल 2007 में करार हुआ था। साल 2009 में भारती-वॉलमार्ट ज्वाइंट वेंचर ने पहला कैश एंड कैरी कारोबार खोला। भारती-वॉलमार्ट ज्वाइंट वेंचर के भारत में 20 कैश एंड कैरी स्टोर हैं।
मल्टीब्रांड एफडीआई के सख्त नियम से वॉलमार्ट परेशान था। सख्त नियमों के चलते वॉलमार्ट भारत में रिटेल स्टोर खोलने के लिए तैयार नहीं है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के बाद वॉलमार्ट फैसला लेने के पक्ष में है।
वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से वॉलमार्ट की फेमा नियम उल्लंघन की जांच जारी है। साथ ही अमेरिका में भी लॉबिंग मामले की जांच चल रही है। ये तमाम कारण गिनाए जा रहे हैं जिसके कारण भारती और वॉलमार्ट के बीच करार टूटा है।