{"_id":"4b456aa8-3b1f-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"bharti-infratel-ipo-will-open-on-11-december","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारती इंफ्राटेल का आईपीओ 11 दिसंबर को खुलेगा","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
भारती इंफ्राटेल का आईपीओ 11 दिसंबर को खुलेगा
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sat, 01 Dec 2012 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारती एयरटेल की टावर इकाई भारती इंफ्राटेल को अगले महीने आने वाले अपने आईपीओ से 4,533 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है। कंपनी का आईपीओ 11 दिसंबर को खुलेगा और 14 दिसंबर को बंद होगा। माना जा रहा है कि कोल इंडिया के ऑफर के बाद पिछले दो वर्षों में यह सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
विज्ञापन
कंपनी ने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 210-240 रुपये प्रति शेयर तय किया है। निर्गम के जरिये कंपनी 10 रुपये अंकित मूल्य वाले शेयर 18.89 करोड़ इक्विटी शेयर जारी करेगी। कंपनी प्राइस बैंड के ऊपरी भाव पर करीब 4,533.60 करोड़ रुपये की पूंजी जुटा सकती है, जबकि निचले भाव से यह रकम 3,966.90 करोड़ रुपये हो सकती है। आईपीओ के बाद कंपनी को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध किया जाएगा।
विज्ञापन
इश्यू में 14,62,34,112 इक्विटी शेयर का फ्रेश इश्यू और निर्धारित शेयरधारकों के लिए 4,26,65,888 इक्विटी शेयर का ऑफर फॉर सेल शामिल है। यह इश्यू कंपनी की पोस्ट-इश्यू चुकता इक्विटी शेयर पूंजी के 10 फीसदी का निर्माण करेगा। इश्यू में न्यूनतम बिड लॉट 50 इक्विटी शेयर और उसके बाद 50 इक्विटी शेयर के गुणज में जारी किए जाएंगे। प्रति शेयर आधार पर निर्धारित खुदरा छूट 10 रुपये प्रति इक्विटी शेयर है। खुदरा छूट इश्यू मूल्य के पांच फीसदी से अधिक नहीं होगा।
विज्ञापन
एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 10 दिसंबर को खुलेगा। भारती इंटरप्राइजेज के डीप्टी ग्रुप सीईओ व एमडी अखिल गुप्ता ने बताया कि आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल विस्तार योजनाओं और भविष्य में अधिग्रहण पर किया जाएगा। भारत ही केवल ऐसा देश है, जहां इंडस्ट्री फलफूल रही है क्योंकि बिजनेस मॉडल शेयरिंग पर केंद्रित है और संभावनाएं अच्छी हैं।
भारती इंफ्राटेल के 34,000 से अधिक टावर सक्रिय हैं। इंडस टावर में इसकी 42 फीसदी हिस्सेदारी है जिसके देश में 1 लाख से अधिक टावर हैं। कंपनी का प्रस्तावित आईपीओ कोल इंडिया के बाद सबसे बड़ा निर्गम हो सकता है। अक्तूबर 2010 में कोल इंडिया ने आईपीओ के जरिये 15,475 करोड़ रुपये जुटाए थे।