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तपती गर्मी के बीच एक और 'बुरी खबर'

Tue, 10 Jun 2014 02:01 PM IST
Updated Tue, 10 Jun 2014 02:01 PM IST
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Below normal Monsoon this year says Minister
'करेला ऊपर से नीम चढ़ा'। तपती और झुलसाने वाली गर्मी के बीच मौसम विभाग ने मानसून के संबंध में कुछ ऐसा ही बयान दिया है।
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मौसम विभाग ने कहा है कि इस साल सामान्य से सात फीसदी कम बरसात हो सकती है। विभाग ने आशंका जताई कि आने वाला मानसून पिछले चार सालों की तुलना में सबसे कमजोर मानसून साबित हो सकता है।

विभाग ने पहले पांच फीसदी कम बारिश की संभावना जताई थी लेकिन हालिया प्रेस कांफ्रेंस में कहा गया कि इस बार केवल 93 फीसदी बारिश की संभावना बन रही है यानी सात फीसदी कम बारिश होगी।
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दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कमजोर मानसून से जुड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कमजोर मानसून की संभावना देखते हुए सरकार ने कमजोर मानसून के मद्देनजर कृषि और किसानों को लेकर एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
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जितेंद्र सिंह ने कहा कि मानसून की रफ्तार फिलहाल सही है और दिल्ली में मानसून की दस्तक 30 जून तक हो जाएगी।

कौन है मानसून एक्सप्रेस का विलेन

Below normal Monsoon this year says Minister
कहा जा रहा है कि प्रशांत महासागर में बन रहे अल नीनो के सक्रिय रहने से भारत में मानसून की रफ्तार सामान्य से कम हो सकती है। प्रशांत महासागर में पूर्वी भाग पर पानी का तापमान बढ़ने से अल नीनो का दबाव बनता है और इसका असर भारत के सामान्य मानसून पर पड़ेगा।

पिछली बार 2009 में अल नीनो का असर देखने को मिला था जब भारत को चार दशक के सबसे भयंकर सूखे का सामना करना पड़ा था। हालांकि इस बार का अल नीनो इतना प्रभावकारी नहीं है कि सूखे के हालात बने लेकिन मानसून को पूरे देश भर में सामान्य रखने के लिए सरकारी प्रभाव भी करने होंगे ताकि किसानों को पानी की कमी महसूस न हो।

इनके लिए बहुत जरूरी है मानसून

Below normal Monsoon this year says Minister
भारत में आमतौर पर जून से ‌सितंबर तक चलने वाला मानसूनी सत्र देश के किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भारत में चावल, सोयाबीन, कपास और मक्के जैसी खरीफ फसलों के लिए मानसून की बारिश बहुत जरूरी है। ऐसे में जब भारत की कृषि योग्य 60 फ़ीसदी भूमि सिचाई के लिए मानसून पर निर्भर है, कमजोर मानसून की आशंका ने किसानों को डरा दिया है।

कमजोर मानसून की संभावना के बीच मानसून एक्सप्रेस केरल पहुंच चुकी है। हालांकि केरल में मानसून अपने तय समय पर पहुंच गया है लेकिन अल नीनो के प्रभाव के चलते आगे बढ़ते बढ़ते इसकी रफ्तार पर लगाम लग सकती है।
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