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अब बार्कलेज ने भी जीडीपी अनुमान घटाया
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Fri, 27 Sep 2013 07:58 PM IST
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वित्तीय सेवाएं देने वाली फर्म बार्कलेज ने चालू वित्तवर्ष 2013-14 के लिए भारत के जीडीपी का अनुमान पहले के 5.3 फीसदी से घटाकर 4.7 फीसदी कर दिया है।
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बार्कलेज का कहना है कि भारत की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण है और अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव की वजह से अनिश्चितताएं और गहरा सकती हैं।
इससे पहले कई और रेटिंग एजेसियां भारत की विकास दर के अनुमान में कैंची चला चुके हैं। इसमें फिच (4.8 फीसदी), नोमुरा (4.2 फीसदी), एचएसबीसी (4.0 फीसदी), बीनएपी परिबास (3.7 फीसदी), क्रेडिट स्विस (6.0 फीसदी), मैक्वायरी (5.3 फीसदी) और बार्कलेज कैपिटल (6.0 फीसदी) शामिल है।
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बार्कलेज का कहना है कि मैन्यूफैक्चरिंग और खनन क्षेत्र में सुस्ती बनी रहने की आशंका है। ऊंची ब्याज दरों के चलते औद्योगिक विकास पर भी दबाव रहेगा।
इसके अलावा, देश की वित्तीय सेहत फिर से दबाव में नजर आ रही है।
अगले वर्ष अप्रैल-मई में होने वाले आम चुनाव की वजह से अर्थव्यवस्था के लिए संभावित अनिश्चितता निवेश के मार्ग में बाधा बन सकती है।
वित्तवर्ष 2012-13 में जीडीपी एक दशक के निचले स्तर 5 फीसदी पर पहुंच गई थी। चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही में तो यह 4.4 फीसदी ही रही।
कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक रिजर्व बैंक ने इस माह अपनी मौद्रिक समीक्षा में जिस अप्रत्याशित तरीके से रेपो रेट को बढ़ाया है, उसे देखते हुए अगले वर्ष के मध्य तक दरों में राहत मिलने की उम्मीद बहुत कम है।
महंगाई के फिर से बढ़ने की आशंका में रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.25 फीसदी बढ़ाकर 7.50 फीसदी कर दिया था।