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किसान कर्ज माफी घोटाले पर बैंकों ने शुरू की जांच
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 06 Mar 2013 11:39 PM IST
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किसानों की कृषि कर्ज माफी योजना में घोटाले का कैग द्वारा खुलासा होने के बाद बैंकों ने अपने दामन साफ करने की कवायद शुरू कर दी है। बैंकों ने अपनी संबंधित शाखाओं से 20-25 दिन के अंदर किसानों के कर्ज माफी के लिए दी गई राशि की पूरी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कुछ बैंकों ने अधिकारियों के दोषी पाए जाने का मामला सामने आने पर विभागीय कार्रवाई करने की भी बात कही है।
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पंजाब नेशनल बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि शुरुआती तौर पर हम सभी ऐसे खातों और उनके लाभार्थियों की जांच कर रहे हैं, जो कि योजना के लिए इस्तेमाल किए गए हैं। इसके तहत बैंक यह देख रहा है कि योजना के इस्तेमाल में अनियमितताएं की गई हैं या नहीं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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इंडियन बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बैंक की संबंधित शाखाओं को वरिष्ठ अधिकारियों की जांच के बाद 23 मार्च तक अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी है। पंजाब एंड सिंध बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरबीआई पहले ही बैंकों को इस तरह के खातों की पूरी जांच करने के निर्देश दे चुका है। आरबीआई के निर्देश के बाद बैंक ऐसे खातों की जांच कर रहा है।
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कैग की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की ओर से साल 2008 में किसानों की कृषि कर्ज माफी योजना शुरू की गई थी। सरकार का स्कीम के तहत करीब 65,318 करोड़ रुपये की कर्ज माफी 3.69 करोड़ किसानों को मार्च 2010 तक देने का अनुमान था। जिसमें से वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मार्च 2012 तक 52,516 करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर दिए गए थे।
संसद में कैग द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार कुल जांचे गए 90,576 मामलों में से 22.32 फीसदी मामलों में योजना को लागू करने में हेराफेरी की गई है। कैग ने अपनी रिपोर्ट में बैंक अधिकारियों, माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं की मिलीभगत के अलावा वित्त मंत्रालय के विभाग डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज की निगरानी प्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।