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नोटों की गड्डी में पिन लगाने पर लगी रोक
मुंबई/एजेंसी
Updated Tue, 14 May 2013 08:01 PM IST
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रिजर्व बैंक ने निर्देश दिया है कि सभी बैंक नोट की गड्डी में स्टेपल का प्रयोग नहीं करें और पब्लिक को साफ सुथरे नोट दें।
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रिजर्व बैंक ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है कि बैंक यह सुनिश्चित करें कि नोट के पैकेट पेपर बैंड में दिए जाएं।
बैंकों से कहा गया है कि वे अपने स्तर पर गंदे और कटे-फटे नोट की छंटाई करें और पब्लिक को सिर्फ साफ नोट जारी करें।
नोटिफिकेशन में बैंकों को ताकीद की गई है कि वे नोट के सफेद वाटरमार्क वाली जगह पर कुछ भी न लिखें।
नोटिफिकेशन के हिसाब से रिजर्व बैंक के संज्ञान में आया है कि बहुत सारे बैंक अभी भी नोट की गड्डियों में स्टेपल का प्रयोग करते हैं, नोट के वाटरमार्क पर लिखाई करते हैं जिससे कई बार नोट की पहचान खराब हो जाती है।
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यह भी पाया गया कि कई सारे बैंक ब्रांच जारी किए जाने योग्य और न किए जाने योग्य नोट की छंटाई नहीं करते और पब्लिक को गंदे नोट जारी कर देते हैं।
यह सारी चीजें बैंक की क्लीन नोट पॉलिसी के खिलाफ हैं। रिजर्व बैंक चाहता है कि पब्लिक को साफ सुथरे नोट जारी किए जाएं और गंदे तथा कटे-फटे नोट चलन से बाहर कर दिए जाएं।
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रिजर्व बैंक के आंकड़े के अनुसार, औसतन प्रति पांच नोट में से एक नोट यानी 20 फीसदी प्रति साल खराब हो जाते हैं जिन्हें चलन से बाहर किया जाता है।
31 मार्च 2012 को समाप्त वित्तीय वर्ष में खराब हो चुके नोट की संख्या 13 अरब से भी अधिक थी। इसे देखते हुए नोट की लाइफ बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक प्लास्टिक के नोट जारी करने का प्रयोग करने जा रहा है।