अब नहीं कटेंगे आपके बैंक अकाउंट से रुपए!
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बचत खाते और इनऑपरेटिव खातों में न्यूनतम राशि न रखने पर आपको उस पर लगने वाली पेनल्टी से जल्द निजात मिल सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को मंगलवार को पेश मौद्रिक नीति में यह सुझाव दिया है कि वह ग्राहकों से न्यूनतम राशि मेंटेन न करने पर किसी तरह का शुल्क या पेनॉल्टी न लें।
रिजर्व बैंक के इस निर्देश के बाद जल्द ही बैंक पेनॉल्टी हटाने की घोषणा कर सकते हैं। यदि बैंक ऐसा करते हैं, तो सबसे ज्यादा निजी क्षेत्र और विदेशी बैंकों के ग्राहकों को इसका फायदा मिलेगा। निजी क्षेत्र के बैंक बचत खाते पर न्यूनतम राशि न रखने 350 रुपये प्रति माह तक का शुल्क ग्राहकों से वसूलते हैं।
बंद कर दें दी जाने वाली सुविधाएं
रिजर्व बैंक के अनुसार बैंक साधारण बचत खाते और इन ऑपरेटिव खातों में न्यूनतम राशि मेंटेन न करने वाले ग्राहकों से पेनल्टी लेने की बजाय, खाते पर मिलने वाली सुविधाओं को सीमित कर सकते हैं।
जब तक ग्राहक न्यूनतम राशि को फिर से मेंटेन न करें, तब तक खाते पर सभी सुविधाओं को शुरू न किया जाय। सूत्रों के अनुसार रिजर्व बैंक इस संबंध में बैंकों के लिए नए दिशानिर्देश भी जारी कर सकता है। जिसके बाद बैंक न्यूनतम राशि मेंटेन न करने पर लगने वाली पेनल्टी हटा सकते हैं।
बैंक वसूलते हैं इतने रुपए
एचडीएफसी-------250-350 प्रति माह
आईसीआईसीआई-------250-350 प्रति माह
एसबीआई-------102-204 प्रति तिमाही
पीएनबी-------75-200 प्रति तिमाही
नोट-नॉन मेंटनेस चार्ज बचत खाते में न्यूनतम राशि मेंटेन न करने पर लिया जाता है।