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स्पाइसजेट को अधिक पूंजी देने के पक्ष में नहीं बैंक
नई दिल्ली /ब्यूरो
Updated Thu, 18 Dec 2014 09:19 AM IST
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सरकार की ओर से पड़ रहे दबाव के बावजूद बैंक स्पाइसजेट की पूंजी जरूरतों को पूरा करने के पक्ष में नजर नहीं आ रहे हैं। सरकार ने संकटग्रस्त स्पाइसजेट की तत्काल पूंजी की जरूरतों को पूरा करने और परिचालन जारी रखने के लिए करीब 600 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का दबाव बैंकों पर बनाया है।
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वहीं, किंगफिशर एयरलाइंस के अनुभव से सबक लेते हुए बैंक दोबारा से इस तरह का कदम उठाने को तैयार नजर नहीं आ रहे हैं। किंगफिशर मामले में बैंकों का 8,000 करोड़ रुपया डूबते खाते में चला गया है। इस बीच, तेल कंपनियों ने कैश एंड कैरी समझौते के अंतर्गत स्पाइसजेट को ईंधन की आपूर्ति चालू कर दी है।
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ऐसा माना जा रहा है कि देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने संकट से जूझ रही विमानन कंपनी को कर्ज देने में अपनी असमर्थता जाहिर कर दी है।
दूसरी ओर, अन्य दूसरे बैंकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे उसी शर्त पर कंपनी को कर्ज देने पर विचार कर सकते हैं जबकि इसके बदले स्पाइसजेट पर्याप्त जमानत उपलब्ध कराए। एक बैंकर ने कहा कि लोन प्रस्ताव पर विचार करने की एक व्यवस्था और प्रक्रिया है। स्पाइसजेट को लोन के लिए आवश्यक प्रतिभूतियां उपलब्ध करानी होंगी।
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सितंबर तक स्पाइसजेट पर कुल बकाया 1,506 करोड़ रुपये हो गया। इसमें दीर्घकालीन कर्ज 1,183 करोड़ और लघु अवधि का बकाया 323 करोड़ रुपये है। कंपनी को उड़ान सेवाएं जारी रखने के लिए तत्काल 600 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। कंपनी पर कुल करीब 2,000 करोड़ रुपये की देनदारी है।
स्पाइसजेट को अपना परिचालन फिर से शुरू करने के तहत सरकारी तेल कंपनियों ने कैश एंड कैरी आधार पर कंपनी को एटीएफ की आपूर्ति शुरू कर दी है।