{"_id":"fa973d3ab58d4ece3fb5f6ba2d929f4d","slug":"banks-must-cut-lending-rates-to-boost-growth-says-india-inc-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सस्ते कर्ज बिना नहीं लौटेगी उद्योगों में तेजी","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
सस्ते कर्ज बिना नहीं लौटेगी उद्योगों में तेजी
नई दिल्ली/ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2015 09:26 PM IST
विज्ञापन
रेपो रेट में आरबीआई की ओर से दो बार कटौती किए जाने के बावजूद लोन ब्याज दरों में कमी न करने पर जहां रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने बैंकों को खरी-खरी सुनाई है, वहीं उद्योग जगत का भी कहना है कि बैंकों को कर्ज सस्ता करना चाहिए। हालांकि उद्योग जगत ने मौद्रिक समीक्षा में दरें यथावत रखने के रिजर्व बैंक के फैसले पर भी निराशा जताई है। उद्योग संगठनों का कहना है कि इससे आर्थिक विकास और निवेश प्रभावित होगा।
विज्ञापन
एसोचैम के अध्यक्ष राणा कपूर ने आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा दरें न घटाए जाने से मांग में मजबूती लौटने और निवेश में सुधार जैसे अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली चीजें आगे नहीं बढ़ पाएंगी। रिजर्व बैंक के इस रुख के बाद अब गेंद पूरी तरह से बैंकों के पाले में है क्योंकि रेपो रेट में दो बार कटौती के बावजूद कर्ज की ब्याज दरें न घटाए जाने से लोन की मांग कमजोर बनी हुई है।
विज्ञापन
पीएचडी चैंबर के अध्यक्ष आलोक बी श्रीराम का कहना है कि उद्योग जगत इस समय एक कठिन दौर से गुजर रहा है। एक ओर मांग में लगातार सुस्ती आ रही है, तो दूसरी ओर कारोबारी लागत लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में बैंकों को लोन सस्ता करके आरबीआई की ओर से रेपो रेट में की गई पिछली कटौतियों का लाभ ग्राहकों तक जरूर पहुंचाना चाहिए। श्रीराम ने कहा कि हालांकि अगर आरबीआई रेपो रेट में चौथाई फीसदी की भी कटौती करता तो इससे ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे रोजगार परक सेक्टरों को बढ़ावा मिलता।
विज्ञापन
सीआईआई के अध्यक्ष अजय श्रीराम ने कहा कि वाजिब दरों में कर्ज मिलने के इंतजार में कई बड़े प्रोजेक्ट अटके बड़े हैं। इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से उत्पादन में बढ़ोतरी होने के साथ ही निवेश और रोजगार भी बढ़ेगा। आरबीआई और बैंक अगर ब्याज दरों में कटौती करते हैं, तो इन परियोजनाओं का काम आगे बढ़ सकता है। इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यातकों के संगठन ईईसीपी के चेयरमैन अनुपम शाह ने कहा कि ब्याज दरें जैसी की तैसी बनाए रखने का आरबीआई का फैसला निर्यातकों के लिए आघातकारी है।