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बैंकिंग लाइसेंस देने में गांवों पर रहेगा जोर
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 16 Nov 2013 03:46 PM IST
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ग्रामीण क्षेत्रों और बैंकिंग तक पहुंच न रखने वाले ग्राहकों पर जोर देने वाली कंपनियों को नए बैंकिंग लाइसेंस में तरजीह मिलने वाली है।
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यानी जो कंपनियां बैंकिंग मॉडल के तहत नया नजरिया रखती हैं, उन्हें बैंकिंग लाइसेंस देने में भारतीय रिजर्व बैंक का खास जोर रहेगा।
रिजर्व बैंक इसी के तहत जनवरी के महीने में तीन-चार नए बैंकिंग लाइसेंस जारी कर सकता है।
सरकार ने भी शुक्रवार को इस बात के संकेत दिए हैं कि नए बैंकिंग लाइसेंस में एक ढर्रे पर चलने वाली कंपनियों को तरजीह नहीं मिलेगी।
मुंबई में आयोजित 34वें बैंकिंग सम्मेलन (बैंकॉन-2013) के दौरान वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि सरकार नए बैंकिंग मॉडल का नजरिया रखने वाली कंपनियों को तरजीह देना चाह रही है।
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आवेदनों की जांच शुरू
चिदंबरम ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जनवरी 2014 में बैंकिंग लाइसेंस जारी होंगे, तो इस पहलू को तरजीह मिलेगी। उन्होंने कहा कि अभी ज्यादातर बैंक एक जैसा ही काम कर रहे हैं। हमें अलग सोच रखने वालो की जरूरत है। जो कि उस तबके तक जा सकें जो बैंकिंग प्रणाली से अभी तक नहीं जुड़ पाया है।
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सरकार की बातों से साफ है कि वह नए बैंकिंग लाइसेंस में ऐसी कंपनियों को तरजीह देना चाहती है, जो कि ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों को जोड़ सकती है। ऐसे में फाइनेंस कंपनियों के लिए नए लाइसेंस पाने के ज्यादा अवसर हैं।
इसके पहले नवंबर में पूर्व आरबीआई गवर्नर विमल जालान की अध्यक्षता में गठित पैनल ने बैठक कर 26 कंपनियों के आवेदन की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। शुरूआती तौर पर आवेदकों के पूंजी स्रोत, प्रमोटर्स के रिकॉर्ड और विजिलेंस जांच आदि के संबंध में शुरूआती कार्यवाही की गई है। पैनल की दूसरी बैठक 16 दिसंबर को होगी।
20 साल में 12 लाइसेंस
साल 1994 में यूटीआई बैंक को लाइसेंस जारी किया गया था, जो अब एक्सिस बैंक के रूप में काम कर रहा है। इसके बाद आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, इंडसइंड, डेवलपमेंट क्रेडिट बैंक, कोटक महिंद्रा, यस बैंक आदि सामने आए।
इस दौरान ग्लोबल ट्रस्ट बैंक का ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में, सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब का एचडीएफसी बैंक में भी विलय हो चुका है।
26 कंपनियों ने किया आवेदन
बैंकिंग लाइसेंस पाने की होड़ में बड़े कॉरपोरेट घराने सहित कुल 26 कंपनियां है। जिसमें अनिल अंबानी का रिलायंस समूह, टाटा संस, आदित्य बिड़ला समूह, बजाज, श्रेई ग्रुप, रेलिगेयर, मुत्थूट फाइनेंस, श्रीराम कैपिटल, इंडिया बुल्स, आईएफसीआई, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, इंडिया पोस्ट जैसी निजी और सरकारी कंपनियां शामिल हैं।