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एसएमई के लिए बैंक बनेंगे ज्यादा जवाबदेह
नई दिल्ली/प्रशांत श्रीवास्तव
Updated Mon, 14 Jan 2013 11:01 PM IST
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छोटे और मझोले कारोबारियों को कर्ज देने की प्रक्रिया ज्यादा जवाबदेह बनाने की तैयारी है। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक नए निर्देश बैंकों को जल्द जारी कर सकता है। इसके तहत कारोबारियों को एक तय समय में कर्ज देने का प्रावधान और बैंकर्स को ज्यादा जवाबदेह बनाने की आरबीआई की मंशा है।
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सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में देश के प्रमुख बैंकर्स के साथ आरबीआई मंगलवार को बैठक करने जा रहा है। जिसमें बैंकों को नए दिशानिर्देश दिए जा सकते हैं। एक प्रमुख बैंकर के अनुसार मुंबई में होने वाली बैठक में आरबीआई का सबसे ज्यादा जोर इसी बात पर है कि बैंकों में शाखा स्तर पर छोटे और मझोले कारोबारियों को कर्ज मिलने में आसानी हो सके।
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अधिकारी के अनुसार छोटे और मझोले कारोबारियों को कर्ज का आवेदन करने पर पावती पत्र देना अनिवार्य किया जा सकता है। साथ ही कारोबारी को 21 दिन के अंदर कर्ज देने का भी प्रावधान किया जा सकता है। अधिकारी ने बताया कि रिजर्व बैंक चाहता है कि यह प्रणाली शाखा स्तर तक लागू हो, कारोबारी को आवेदन करने पर पावती पत्र मिलने के बाद बैंक की जवाबदेही तय हो सकेगी। ऐसे में कारोबारी को तय समय में कर्ज न मिलने पर भी बैंक को उचित कारण देना होगा।
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यही नहीं, छोटे कारोबारियों द्वारा किए गए कर्ज के ऑनलाइन स्वीकृत और पावती पत्र देने की भी योजना पर कई बैंक काम कर रहे है। जिसको प्रचलित करने पर आरबीआई का जोर है। इस प्रक्रिया के जरिए भी बैंक ज्यादा जवाबदेह बनेंगे। हाल ही में आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बैंकर्स और एसएमई संगठनों से भी हुई है। जिसमें आरबीआई की तरफ से कहा गया है कि शाखा स्तर पर प्रबंधकों के रुख में बदलाव किया जाय। अधिकारियों के अनुसार बड़े कॉरपोरेट पूंजी के लिए बैंक पर ज्यादा निर्भर नहीं है। ऐसे में बैंकों को छोटे कारोबारियों को कर्ज देने पर ज्यादा जोर देने की जरूरत है।