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गरीबों को कर्ज देने से हिचकिचाएं नहीं बैंक
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Tue, 23 Oct 2012 07:51 PM IST
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वित्त मंत्री ने पी. चिदंबरम ने देशभर के बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कहा है कि वह गरीबों को कर्ज देने से हिचकिचाएं नहीं, क्योंकि ये लोग ईमानदार होते हैं और कर्ज के भुगतान में गड़बड़ी नहीं करते। एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि मैंने पाया है कि गरीब भारत के गरीब बुरे कर्जदार नहीं होते। ये लोग ईमानदार, नैतिक मूल्यों वाले होते हैं इसलिए इन्हें कर्ज मिलाना ही चाहिए। बैंकों और वित्तीय संस्थानों को इस वर्ग के लोगों को ज्यादा से ज्यादा कर्ज देना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि बड़े-बड़े कॉरपोरेट व औद्योगिक घराने तो हजार करोड़ रुपये तक का लोन बड़ी आसानी से पा जाते हैं, पर गरीबों को छोटे-मोटे कर्ज के लिए भी तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बड़े कारोबारी घराने हजारों करोड़ का लोन लेकर भी उसकी अदायगी में आनाकानी करते हैं।
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इसके बावजूद स्थिति यह है कि छोटे ग्राहकों को कर्ज के लिए बैंकों के चक्कर लगाते रह जाते हैं, जबकि बड़े ग्राहकों के पीछे बैंक खुद भागते फिरते हैं। कॉरपोरेट हाउस कर्ज नहीं चुकाते तो परेशानी बैंकों के सिर पर आती है, जबकि छोटे कर्जदाता अगर कर्ज नहीं चुका पाते तो नजारा इसके विपरीत होता है।
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छोटे कर्ज आवेदकों को लोन के रूप में छोटी रकम ही मिलती है। इसकी ब्याज दरें भी अपेक्षाकृत अधिक होती हैं। इसके बावजूद उन्हें लोन के जरिये और पैसे कमाकर कर्ज अदा करना होता है, क्योंकि ऐसा न कर पाने पर उन्हें दोबारा कभी लोन हासिल नहीं हो पाएगा। इसलिए गरीब ग्राहकों को कर्ज जरूर दिया जाना चाहिए। वित्त मंत्री ने देश के हर आदमी को बैंकिंग सुविधाओं के दायरे में लाने पर भी जोर दिया।