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सस्ते लोन के लिए बैंकों को रिफाइनेंस सुविधा!

Fri, 04 Oct 2013 08:22 PM IST
प्रशांत श्रीवास्तव/नई दिल्ली
प्रशांत श्रीवास्तव/नई दिल्ली Updated Fri, 04 Oct 2013 08:22 PM IST
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bank may get refinance facility for cheap loans

त्योहारों से पहले दोपहिया वाहन और एलसीडी, रेफ्रीजरेटर, वाशिंग मशीन की खरीदारी के लिए सस्ते कर्ज की राह में अभी कई बाधाएं हैं।

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बैंकर्स के अनुसार केवल अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध कराने से बैंकों के लिए कर्ज सस्ता करना मुश्किल होगा। जिसे देखते हुए सरकार  बैंकों को रिफाइनेंस की सुविधा दे सकती है। यानी जो ब्याज दर बैंक घटाएंगे, उसकी भरपाई सरकार द्वारा दी गई अतिरिक्त राशि से होगी।

सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के साथ सरकारी बैंकों की बैठक में बैंकर रिफाइनेंस सुविधा की मांग करेंगे। बैंकर्स के अनुसार नकदी की कमी से बैंक पहले ही जूझ रहे है। जिसे देखते हुए रिफाइनेंस की सुविधा से ही कर्ज सस्ता करना संभव हो सकेगा।
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पंजाब नेशनल बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार नकदी की किल्लत की वजह से इस बार अधिकतर बैंकों ने अभी तक त्योहारी मौसम के लिए स्कीम लांच नहीं की है।

ऐसे में सरकार अगर अतिरिक्त पूंजी देती है, तो दोपहिया वाहन और कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडस्ट्री के लिए बेहतर होगा। पर सरकार को सस्ते कर्ज का भी रास्ता तैयार करना होगा।
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क्या होती है रिफाइनेंस सुविधा
इसके तहत जो ब्याज बैंक कम करेंगे, उसकी भरपाई सरकार बैंकों को करेगी। यदि बैंक कोई कर्ज 16 फीसदी की दर से देता है।

सरकार उसे चाहती है कि ग्राहकों को वह कर्ज 15 फीसदी की दर पर मिले, तो एक फीसदी ब्याज दर कम होने से जितनी राशि का नुकसान बैंक को होगा, वह उसे सरकार देगी। अभी अधिकतर बैंक एलसीडी, रेफ्रीजरेटर आदि के लिए 16-18 फीसदी की दर पर कर्ज दे रहे हैं।


बैंकों को बदलनी होगी रणनीति

सरकारी बैंक दोपहिया वाहन और कंज्यूमर ड्यूरेबल उत्पादों को कर्ज देने में बहुत आक्रामक रुख नहीं रखते हैं।

अभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, जिसमें बजाज कैपिटल प्रमुख रुप से शामिल है, उसके अलावा निजी बैंक ही कर्ज देने पर खास जोर देते हैं। ऐसे में सरकारी बैंकों को इस वर्ग तक पहुंचने के लिए तेजी से अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा।

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