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पुरानी चेक बुक बदलने का है समय

Sat, 16 Mar 2013 08:36 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sat, 16 Mar 2013 08:36 PM IST
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bank customers should change their cheque book

यदि आप अभी भी पुरानी चेकबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इसे बदलने के लिए आपके पासे अब केवल 15 दिन बचे हैं। ऐसे में यह जरुरी है कि आप अपनी पुरानी चेकबुक को बदलकर नई सीटीएस-2010 वाली चेकबुक अपने बैंक से प्राप्त कर लें।

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यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो एक अप्रैल से बिना सीटीएस-2010 प्रणाली वाले चेक आपके क्लीयर नहीं होंगे। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि बैंक भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश के तहत एक अप्रैल 2013 से बिना सीटीएस-2010 प्रणाली वाले चेक को स्वीकार नहीं कर सकेंगे।
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सीटीएस-2010 प्रणाली लागू होने से आपको भी काफी फायदे मिलने वाले है। इसके जरिए जहां बैंक जल्द से जल्द आपके चेक क्लीयर करेंगे, वहीं क्लीयरेंस प्रणाली भी पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी।
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बैंकर्स के अनुसार, रिजर्व बैंक के निर्देश के अनुसार वह एक अप्रैल से लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। इसे देखते हुए टियर-1 और टियर-2 शहरों तक नई चेक प्रणाली एक अप्रैल 2013 से लागू हो जाएगी।

जहां तक कस्बों और गांवों की बात है तो उन्हें सीटीएस प्रणाली में एक अप्रैल 2013 से शामिल करना अभी भी आसान नहीं है। इसकी प्रमुख वजह स्कैनर की पर्याप्त उपलब्धता न होना और उनके लिंक करने की कवायद है। इसे देखते हुए पूरे देश में इसे एक अप्रैल से लागू करना मुश्किल है।

बैंकों की इसी समस्या की वजह से रिजर्व बैंक पहले भी प्रणाली को लागू करने की तिथि एक जनवरी 2013 से बढ़ाकर एक अप्रैल-2013 कर चुका है।

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सीटीएस-2010 को एक अप्रैल से लागू करने की बैंक पूरी तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इसे शुरू में पूरे देश की जगह मेट्रो, टियर-1 और टियर-2 शहरों में लागू कर दिया जाएगा।

क्या है सीटीएस प्रणाली
इसे चेक ट्रंकेशन सिस्टम कहा जाता है। देश में अभी दो ग्रिड सिस्टम बनाए गए हैं। जिसके तहत उत्तरी ग्रिड और दक्षिणी ग्रिड काम कर रहे हैं। उत्तरी ग्रिड नई दिल्ली में और दक्षिणी ग्रिड चेन्नई में हैं।

शुरूआत में उत्तरी ग्रिड के क्षेत्र में आने वाले शहरों को और दक्षिणी ग्रिड के क्षेत्र में आने वाले शहरों को जोड़ा जा रहा है। बाद में दोनो ग्रिड को आपस में जोड़ दिया जाएगा।


क्या है फायदा
इसके तहत चेक क्लीयर करने के लिए बैंक आपके जमा किए गए चेक की तस्वीर का इस्तेमाल करेंगे। सभी क्षेत्रों के आपस में जुड़े होने से तस्वीर संबंधित शाखा में तुरंत भेज दी जाएगी और आपका चेक बहुत कम समय में क्लीयर हो जाएगा। अभी यह प्रणाली एनसीआर सहित कुछ बड़े शहरों में ही लागू है।

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