{"_id":"4a77f3c8-802c-11e2-9052-d4ae52bc57c2","slug":"azadi-express-will-reach-at-freedom-associated-site","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों पर पहुंचेगी आजादी एक्सप्रेस","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों पर पहुंचेगी आजादी एक्सप्रेस
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 26 Feb 2013 09:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों को रेल मार्ग से जोड़ने की योजना के तहत आजादी एक्सप्रेस नाम से नई रेल गाड़ी चलाई जाएगी। मंगलवार को लोकसभा में रेल बजट पेश करते हुए रेलमंत्री पवन बंसल ने इस आशय की घोषणा करते हुए कहा कि इसका मकसद युवा वर्ग को स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों से परिचित कराना तो है ही। साथ ही इस योजना से पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकेगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि आजादी एक्सप्रेस नाम से शुरू होने वाली शैक्षणिक पर्यटक गाड़ी देश के उन सभी स्वतंत्रता संग्राम स्थलों से होकर गुजरेगी, जहां आजादी के लिए देश के शूरवीरों ने अपनी कुर्बानी दी है। आजादी एक्सप्रेस के परिचालन का खाका मंत्रालय के अधिकारी तैयार कर रहे हैं। इसमें पश्चिम बंगाल, पंजाब, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के स्वतंत्रता संग्राम स्थल भी शामिल होंगे।
विज्ञापन
बंसल के मुताबिक आजादी एक्सप्रेस की खासियत यह होगी कि इसका किराया रियायती होगा। मगर इस ट्रेन मे वह सभी सुविधाएं होंगी, जो सुपर फास्ट ट्रेनों में होती है। सरकार का मकसद युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी जगहों की जानकारी देना है। इससे न सिर्फ देश के युवाओं को आजादी के स्थलों की जानकारी होगी बल्कि इस योजना से पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकेगा।
विज्ञापन
कचरा बेच साढ़े चार हजार करोड़ कमाएगा रेलवे
जनता की जेब पर पिछले दरवाजे से बोझ डालने के बावजूद रेलवे को अपनी आय बढ़ाने के लिए तमाम जुगाड़ करने पड़ रहे हैं। इसलिए रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने अब रेलवे का कचरा बेच कर ‘पवन एक्सप्रेस’ को चुनावी साल में मंजिल तक पहुंचाने का एक रास्ता चुना है।
रेल मंत्री ने इस साल रेलवे स्क्रैप यानी कचरे का जल्द से निपटारा करने की बात कही। उनका कहना था कि रेलवे के भंडारगृहों में पड़े कचरे को बेचकर इस साल 4500 करोड़ रुपये अर्जित करने का लक्ष्य रखा गया है। बंसल ने बताया कि स्क्रैप का निपटान करके रेलवे कार्य स्थल में अतिरिक्त स्थान भी उपलब्ध करना चाहता है। इसी उद्देश्य के चलते रेलवे एक विशेष अभियान के तहत इस वर्ष भंडार डिपो, कारखानों, रेलपथ और निर्माण स्थलों पर पड़े स्क्रैप का निपटारा करेगा।