फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   arun jaitley's special interview after general budget

जेटली ने बताया, लोगों को कैसे राहत देगा बजट?

Fri, 11 Jul 2014 06:15 PM IST
Updated Fri, 11 Jul 2014 06:15 PM IST
विज्ञापन
arun jaitley's special interview after general budget

मोदी सरकार के पहले बजट पर देश के हर नागरिक ही नहीं बल्कि दुनिया भर की निगाहें लगी थीं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में अपना पहला बजट पेश करने के बाद ‘अमर उजाला’ के एम.के. वेणु से बजट को लेकर खास बातचीत की। पेश है इसके अंश।

विज्ञापन


बजट में सीधे तौर पर 50 हजार रुपये के स्लैब को आयकर छूट में बढ़ाया गया है। ढाई लाख की आयकर सीमा के साथ निवेश सीमा भी डेढ़ लाख रुपये की गई है।

साथ ही होम लोन पर अदा किए जाने वाले ब्याज पर छूट की सीमा भी बढ़ा दी गई है। बुजुर्गों के स्लैब को तीन लाख रुपये कर दिया गया है। इन उपायों से लोगों के हाथ में कुछ पैसा तो आएगा, जिससे महंगाई का सामना करने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन

अपने पहले बजट पर

arun jaitley's special interview after general budget

यह बजट महज छह सप्ताह में तैयार किया गया है और यह यात्रा की शुरुआत है। फिलहाल इस बजट के वास्तविक पहलुओं पर गौर करने की जरूरत है।

हम जीएसटी लागू करने का निर्णय ले चुके हैं और सभी पहलुओं पर व्यापक स्तर पर गौर किया जा चुका है। राज्यों के साथ सहमति लगभग हो गई है। मगर जहां तक जीएसटी की दर का सवाल है तो अभी मैं इसका खुलासा नहीं करना चाहूंगा।

हमने रेट्रोस्पेक्टिव उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है, जो कर विवाद के समाधान में अहम भूमिका निभाएगी। हम बेवजह के विवादों को बढ़ावा नहीं देंगे। निवेश का माहौल बढ़ाने और विकास दर को गति देने के लिए डर नहीं बल्कि अनुकूल माहौल की जरूरत है। जहां तक कोर्ट में चल रहे पुराने विवादों का सवाल है उसमें हम कोई दखल नहीं देंगे।

ऊर्जा क्षेत्र में सुधार

arun jaitley's special interview after general budget

इस क्षेत्र के विकास के लिए बहुआयामी कदम उठाने का निर्णय लिया है। विद्युत सेक्टर के विकास के लिए कोयले की समुचित आपूर्ति और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कर में कमी की गई है। इस सेक्टर में लागत को और पारदर्शी किए जाने की जरूरत है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती-घटती कीमतों के साथ रुपये के वैश्विक स्तर पर बढ़ने-घटने का प्रभाव तो सीधे तौर पर रहता है। लेकिन इस पर राज्यों की ओर से लगाए जाने वाले टैक्स भी कम नहीं है। इसलिए इसमें ज्यादा गुंजाइश नहीं है।

इन संस्थानों के मसले पर किसी भी तरह का पक्षपात नहीं किया गया है। जहां भाजपा की सरकार नहीं है, उन राज्यों में भी इन संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव है। पूरी तरह से सही रवैया अपनाया गया है, दरअसल मैं इस क्षेत्र में किसी भी तरह का विवाद नहीं लाना चाहता। इसलिए सभी राज्यों को हम एम्स जैसा संस्थान देंगे तो बजट में जिन एक्सीलेंस संस्थानों का ऐलान हुआ है उसमें झारखंड से लेकर महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश-तेलंगाना से लेकर उत्त्तराखंड शामिल हैं।

विज्ञापन

महंगाई के संदर्भ में

arun jaitley's special interview after general budget

सरकार इस पर गौर कर रही है कि किस तरह से मंहगाई पर नियंत्रण रखा जाए। महंगाई को काबू में रखने के लिए मुद्रास्फीति पर संतुलन कायम रखना प्रमुख है। जहां तक मानसून के कमजोर होने की बात सामने आई है तो हमारे पास अभी दो हफ्ते हैं और हम जुलाई के दूसरे सप्ताह तक इंतजार कर सकते हैं।

कोल ब्लॉक एक व्यापक मसला है, इसके लिए प्राधिकारों को और जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए। यह बड़े बहस का मुद्दा है। सबसे बेहतर यही है कि कोल ब्लॉक की नीलामी की जाए ताकि भेदभाव का कोई स्थान ही नहीं बचे। जहां तक 3जी स्पेक्ट्रम नीलामी का सवाल है उसमें कोई विवाद नहीं है।

दरअसल हमारे देश में एक संस्थान सभी लाइसेंस रद्द करने के लिए कहता है। इसके बाद लोग बचने का प्रयास करते हैं। कुछ लोग कानून को तोड़ते हैं, जबकि वह जिम्मेदार हैं। लेकिन इसके चलते लोगों को नुकसान होता है, जो उचित नहीं है।

सब्सिडी के बारे में

arun jaitley's special interview after general budget

वास्तविक लोगों तक छूट को पहुंचाए जाने की जरूरत है। इसके लिए आधार से जोड़े  जाने की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता। यदि आधार के सहारे लीकेज को रोकते हुए वांछित वर्ग तक लाभ पहुंच सकता है तो इस पर गौर हो सकता है। इसे तर्कसंगत बनाए जाने की जरूरत है। व्यय आयोग ने कुछ सिफारिशें की हैं, उस पर कदम उठाकर जरूरतमंदों तक छूट को मुहैया कराया जाएगा।

महज बाजार की अर्थव्यवस्था के आधार पर गरीब वर्ग को कारण नहीं गिनाए जा सकते। जैसा कि यूपीए सरकार ने किया था, जो गलत था और इसी के चलते वह स्थिति को संभालने की बजाय सब कुछ गवां बैठे। यह अहम बात है कि सरकार का खजाना जनता के लिए है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed