फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   apples are very cheap in market

...तो इसलिए सस्ते मिल रहे हैं सेब

Tue, 20 Aug 2013 12:02 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 20 Aug 2013 12:02 AM IST
विज्ञापन
apples are very cheap in market

इस साल भले ही महंगा प्याज आम आदमी को रुला रहा हो लेकिन सस्ता सेब खाना का मौका आ गया है।

विज्ञापन


हिमाचल में अच्छी फसल होने से दिल्ली और उत्तर भारत की मंडियों में सेब की भरमार है। किसान जहां कौड़ियों के भाव सेब बेचने को मजबूर हैं, वहीं खुदरा बाजार में अब भी सेब 80-90 रुपये किलोग्राम तक बिक रहा है।

दिल्ली में सेब के प्रमुख कारोबारी एमकेसी ट्रेडिंग कंपनी के हाजी शादाब का कहना है कि हिमाचल के निचले इलाकों में इस साल सेब का उत्पादन काफी अच्छा रहा है। इस वजह से मंडियों में सेब की आपूर्ति बढ़ी है।
विज्ञापन


सोमवार को ही आजादपुर मंडी में 2542 टन सेब पहुंचा है। सबसे उम्दा माने जाने वाला हिमाचल का रॉयल डिलीशियस सेब का दिल्ली की आजादपुर मंडी में मॉडल भाव 4792 रुपये प्रति कुंतल है। आजकल सबसे ज्यादा आवक इसी सेब की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गोल्डन क्वालिटी का सेब 20 से 35 रुपये किलो के बीच बिक रहा है। फल कारोबारियों का कहना है कि दिल्ली में इस बार सेब की आवक पिछले साल के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा है और सेब आधे दामों पर बिक रहा है।

मंडियों में सस्ता सेब बिकना खरीदारों के लिए भले ही राहत की बात हो लेकिन किसान इस साल औने-पौने भाव पर सेब बेचने को मजबूर हैं।

आजादपुर मंडी में फलों के कारोबार से जुड़े प्रमोद गुप्ता का कहना है कि अभी हिमाचल और उत्तराखंड से खूब सेब आ रहा है।

जल्द ही कश्मीर की फसल आने लगेगी, तब सेब के दाम और गिर सकते हैं। जो सेब दिल्ली की मंडियों में 20-40 रुपये किलो बिक रहा है, किसानों से वह ज्यादा से ज्यादा 15-20 रुपये किलो के भाव पर खरीदा गया होगा।


इंपोर्टेड सेब का पत्ता साफ
बागवानी आयुक्त डॉ. गोरख सिंह का कहना है कि सेब के उत्पादन में बढ़ोतरी से निर्यात पर निर्भरता घटी है। गौरतलब है कि इस बार देसी सेब ने चीन और अमेरिका से आयात होने वाले सेब की जगह ले ली है।

भारत की सबसे उम्दा क्वालिटी का सेब भी अब 50-60 रुपये किलो में बिक रहा है और इसकी आपूर्ति खूब है। इसे देखते हुए सेब के आयात की स्थितियां नहीं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed