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ऐप डाउनलोड कारोबार 2015 तक हो जाएगा छह गुना

Tue, 29 Jul 2014 09:10 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Tue, 29 Jul 2014 09:10 PM IST
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App downloads will be traded six-fold by 2015

देश में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों की तेजी से बढ़ती संख्या के कारण मोबाइल ऐप का कारोबार भी काफी तेजी से बढ़ रहा है। उद्योग संगठन एसोचैम और डेलाएट के एक साझा अध्ययन में वर्ष 2015 के बीच देश में मोबाइल एप्लीकेशनों की डाउनलोडिंग लगभग नौ अरब तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। यह 2012 के मुकाबले करीब छह गुनी होगी।

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रिपोर्ट में कहा बताया है कि वर्ष 2012 में देश में एक अरब 56 करोड़ ऐप डाउनलोड किए गए थे, जिसके 2015 में नौ अरब के स्तर पहुंचने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक 16  से 30 साल की उम्र के लोगों के बीच ऐप डाउनलोड 75 फीसदी सालाना की चक्रवृद्धि रफ्तार से बढ़ रहा है।
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अध्यन में कहा गया है कि यदि स्थानीय भाषा और जरूरत को ध्यान में रखकर ऐप तैयार किए जाएं और उसका बेहतर ढंग से विपणन (डिस्ट्रीब्यूशन) किया जाए, तो इस क्षेत्र में दूरसंचार तथा संगीत एवं मनोरंजन उद्योग के लिए अपार अवसर पैदा हो सकते हैं।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा मोबाइल गेम, मोबाइल टीवी तथा मैसेजिंग सेवाएं और इनसे जुड़े ऐप देश में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। एंग्री बर्ड, कैंडी क्रश तथा क्लैश आफ क्लैंस जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के मोबाइल गेम भारतीय गेमिंग बाजार में भी अपनी अच्छी पकड़ बना चुके हैं। इसके अलावा एप्पल के गेम सेंटर और विंडोज स्मार्टफोन के एक्सबाक्स लाइव के दीवानों की भी कमी नहीं है।

सोशल मैसेजिंग ऐप जैसे लाइन, ह्वाटसऐप तथा स्नैपचैट के भी भारतीय बाजार में अच्छे खासे उपभोक्ता हैं। अधिकतर स्मार्ट फोनों में यह ऐप निर्माताओं द्वारा ही उपलब्ध करा दिए जाते हैं। एप्पल के फोनों में आईमैसेज, ब्लैकबेरी के फोनों में ब्लैकबेरी मैसेंजर और विंडो फोनों में विंडोज लाइव क्लाइंट पहले से ही इंस्टाल किए होते हैं।

अध्ययन में कहा गया है कि देश की बड़ दूरसंचार कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार मोबाइल टीवी इस्तेमाल करने वालों की संख्या में 400 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जबकि स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले 35 फीसदी लोग यूट्यूब पर हर महीने औसतन डेढ़ घंटे वीडियो देखते हैं।


एसोचैम के मुताबिक यह आंकड़े वाकई उत्साहजनक हैं, लेकिन भारत जैसे देश में लोग मूल्य को लेकर काफी संवेदनशील हैं। ऐसे में कीमतें कम होने के बावजूद वे मोबाइल गेम और बड़ी फाइलें डाउनलोड करने से पहले लोग काफी सोच-विचार करते हैं।

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